'धाकड़ गर्ल' साक्षी मलिक चार दिन बाद शादी के बंधन में बंध जाएंगी। इटरनेशनल पहलवान के संग इनकी लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
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साक्षी मलिक की शादी
रियो ओलंपिक 2016 में देश को पदक दिलाने वाली साक्षी मलिक ने खुद मंगेतर सत्यव्रत कादियान के साथ मिलकर शादी की तारीख चाहने वालों को बताई, वो भी बड़े ही अनोखे अंदाज में। साक्षी ने अपने फेसबुक पर सत्यव्रत के साथ एक फोटो पोस्ट की, जिसमें उन्होंने हाथ में स्लेट थामी हुई है। इस पर उन्होंने 'सेव द डेट 02/04/2017' लिखकर अपनी शादी की तारीख बताई।
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ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक
साक्षी ने बताया कि शादी के कार्ड छप चुके हैं और मेहमानों को बांटे जा रहे है। शादी में खेल जगत के अलावा राजनीति जगत से जुड़े कई बड़े चेहरों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं साक्षी मलिक की शादी की ड्रेस अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर सब्यासांची मुखर्जी तैयार करेंगे। सब्यासांची मुखर्जी फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के अलावा प्रियंका गांधी सहित कई हस्तियों के परिधान तैयार कर चुके हैं।
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ओलंपियन पहलवान
बता दें कि पिछले साल 16 अक्टूबर को दोनों की सगाई हुई थी। अभिनेता सलमान खान की फिल्म 'सुल्तान' की शुरुआती कहानी से मेल खाती है सत्यव्रत कादियान के साथ इनकी लव स्टोरी, जो शुरू हुई अर्जुन पुरस्कार विजेता पहलवान सत्यवान के अखाड़े में। अखाड़े में कुश्ती सीखते-सीखते साक्षी कब अपने से छोटे पहलवान सत्यव्रत से प्यार कर बैठी पता ही नहीं चला।
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पहलवान साक्षी मलिक
साक्षी मलिक से एक साल छोटे 23 साल के सत्यव्रत हरियाणा के रोहतक में अखाड़ा चलाने वाले पहलवान सत्यवान के बेटे हैं। सत्यवान को अर्जुन अवॉर्ड भी मिल चुका है। खुद साक्षी बताती हैं कि पहलवान सत्यवान के अखाड़े में ही साक्षी और सत्यव्रत पहली बार एक दूसरे से मिले और फिर मुलाकातों का सिलसिला चला। दोनों के बीच प्यार हुआ और उन्होंने शादी करने का फैसला ले लिया।
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गीता-साक्षी का शादी पर कुश्ती को लेकर बड़ा फैसला
रेलवे में बतौर टीई नियुक्त सत्यव्रत कादियान भी पहलवान हैं। वे देश को राष्ट्रमंडल खेलों में सिल्वर मेडल दिला चुके हैं। इस उपलब्धि के लिए उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया था। 23 साल के सत्यव्रत ने बताया कि 24 साल की साक्षी से उनकी मुलाकात ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हुई थी। वहां भारतीय खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। मैंने और साक्षी दोनों ने सिल्वर मेडल जीता, लेकिन वो गोल्ड न जीत पाने के कारण निराश थी।
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Sakshi malik with satyawart kadian
- फोटो : अमर उजाला
एक पहलवान होने के नाते हमारी सामान्य जान पहचान थी, सो मैंने साक्षी को समझाया और कहा कि हर हार हमें कुछ सिखाती है, हमारी मंजिल राष्ट्रमंडल खेल नहीं ओलंपिक है। मेरी यह बात साक्षी के दिल को छू गई और वह उत्साह से भर गई। उसके बाद हम दोनों साथ साथ वहां से लौटे। धीरे-धीरे सामान्य सी जान पहचान गहरी दोस्ती में बदल गई। फिर हम इंटरनेशनल चैंपियनशिप में साथ-साथ जाने लगे।
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साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान की अनोखी लव स्टोरी
इस तरह हमारी दोस्ती मजबूत होती गई और फिर एक दिन हमने एक दूसरे का हमसफर बनने का निर्णय कर लिया। लेकिन उससे पहले हमारा लक्ष्य ओलिंपिक मेडल था। हम रियो में भी साथ होते, लेकिन महज एक सेकेंड से मैं चूक गया। सत्यव्रत ने बताया कि साक्षी ओलिंपिक मेडल जीतने के बाद भी बहुत सहज और सरल है। वह हमेशा जमीन से जुड़ी रहती है। उसका नेचर दूसरों से बिलकुल अलग है।
सत्यव्रत ने कहा कि कुश्ती को लेकर उसमें गजब का समर्पण है। वह जो ठान लेती है करके रहती है। साक्षी मलिक के अनुसार सत्यव्रत बहुत अच्छे पहलवान हैं। सत्यव्रत काफी सहयोगी हैं, जो कदम-कदम पर उनका हौसला बढ़ाते हैं। शादी के बाद हमारा लक्ष्य देश के लिए मेडल जीतना है। पहले हम 15 दिसंबर से शुरू हो रही प्रो कुश्ती लीग में खेलेंगे। फिर राष्ट्रमंडल खेल 2018 और 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए मेहनत करेंगे।
सत्यव्रत कादियान रोहतक में अखाड़ा चलाने वाले पहलवान सत्यवान के बेटे हैं और वह 97 किलो वेट कैटेगरी में खेलते हैं। पहलवान सत्यवान ही सत्यव्रत और साक्षी के गुरु हैं। सत्यवान को अर्जुन अवॉर्ड मिल चुका है। इसके अलावा, सत्यव्रत भारत केसरी और चंबल केसरी जैसे खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं। साक्षी ने रियो ओलिंपिक में 12वें दिन भारत का ब्रॉन्ज मेडल के साथ खाता खोला था।