फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गीता जयंती मेला: पर्यटक पूछ रहे, भैया आपके पास स्वैप मशीन है क्या?

Mon, 05 Dec 2016 04:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
1 of 8
गीता जयंती में क्राफ्ट मेला
नोटबंदी का असर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के मेले में भी देखने को मिल रहा है। यहां पर सैलानी दुकानदारों से पूछ रहें है भैया आपके पास स्वैप मशीन है क्या?
विज्ञापन

2 of 8
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
भैया आपके पास स्वैप मशीन है क्या? अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के शिल्प और सरस मेले में अपनी कला के प्रदर्शन के साथ-साथ कारोबार करने पहुंचे शिल्पकारों से यह पहला सवाल ग्राहकों का होता है। 
विज्ञापन

3 of 8
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
मगर सिर हिलाकर इंकार करते ही ग्राहकों के चेहरों पर नोटबंदी की मायूसी झलक जाती है। पिछले 8 नवंबर को की गई नोटबंदी की मार अभी भी कम नहीं हो पाई है। लोगों की आम दिनचर्या के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह पर भी इसका असर देखा जा रहा है। 

4 of 8
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आह्वान के बाद कैश लेस ट्रांजेक्शन का प्रचलन ब्रह्मसरोवर तट पर कुछ शिल्पकारों के पास अवश्य दिखाई दिया और आधा दर्जन शिल्पकारों के पास ही स्वैप मशीनें व डिजिटल रुप से लेन-देन की सुविधा उपलब्ध है। 
विज्ञापन

5 of 8
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
लेकिन अधिकतर शिल्पकार नगद ही कारोबार करने यहां पहुंचे हैं और विभिन्न राज्यों से यहां आने व मेला शुरू हो जाने के चलते अब वह अचानक ये मशीनें भी खरीद नहीं पा रहे है। ऐसे में उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। 
विज्ञापन

6 of 8
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
अजमेर से आए शिल्पकार विजय कुमार व मंजू, बनारस से आए सराजुदीन, पश्चिमी बंगाल से आए नंदकुमार सहित कई अन्य शिल्पकारों ने बताया कि उनका नगदी की कमी के चलते अभी तक कारोबार न्यूनतम ही चल रहा है। 
 
विज्ञापन

7 of 8
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
अधिकतर शिल्पकारों के पास स्वैप मशीनें नहीं है। उन्होंने माना कि नोटबंदी का असर उनके कारोबार पर पड़ा है और पूरे समारोह के दौरान यह असर रहने की उन्हें आशंका है। पर्यटक चाहते हुए भी सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। 
 
विज्ञापन

8 of 8
ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
बिहार भागलपुर से आए दुकानदार राजेश कुमार के मुताबिक चार दिन में उसकी सिर्फ डेढ़ सौ रुपये बिक्री हुई है। मेले में 630 नंबर स्टाल पर जायकेदार सामान की बिक्री करने आए राजेश का कहना है कि कम बिक्री का बड़ा कारण नोटबंदी है बड़ा कारण है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें