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आप जो शराब पी रहे हैं, वो कहीं जेल न पहुंचा दे आपको, ऐसे करें असली नकली की पहचान

Tue, 20 Nov 2018 05:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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वाइन
शराब पीने के शौकीन ध्यान दें, आप जो वाइन पी रहे हैं वह कहीं आपको जेल की हवा न खिला दे। ये खबर पढ़ें और असली नकली की पहचान करना सीखें।
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वाइन
दरअसल, चंडीगढ़ में अवैध शराब के कारोबार को रोकने केलिए एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने शराब की बोतलों से होलोग्राम हटाने का फैसला किया है। इसके लिए अब बोतलों में क्यूआर कोड अलॉट किया जाएगा। आगामी वित्तीय वर्ष में जो शराब सरकारी ठेकों से बिकेगी, उस पर क्यूआर कोड दर्ज होगा। कंप्यूटराइज्ड कोड को स्कैन करने के बाद ही बोतल के असली और नकली होने का तत्काल पता चल जाएगा। डिपार्टमेंट ने इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
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wine
नकली होलोग्राम लगाकर शराब की अवैध बिक्री तेजी से चल रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी दुकानों पर अवैध शराब की बिक्री नहीं रुक पा रही है। शराब माफिया पर नकेल कसने के लिए अब शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड नजर आएगा। इसका मकसद शराब की सही कीमत और वैध शराब की पहचान कराना है। इससे न केवल होलोग्राम के डुप्लीकेट होने की समस्या दूर होगी, बल्कि ग्राहकों को भी बोतल की सही कीमत की जानकारी मिल सकेगी।

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Liquor
आने वाले दिनों में बारकोड व क्यूआर कोड की रीडिंग के लिए मोबाइल एप भी बनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक प्रशासन की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष अप्रैल से कोड के साथ ही शराब की बोतल की बिक्री हो सकेगी। इससे अवैध शराब की पहचान करने में कस्टमर को आसानी होगी। बार कोड को स्कैन किए बिना शराब की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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Liquor
रुकेगी शराब की तस्करी
दरअसल, दिल्ली सहित देश के कई अन्य प्रदेशों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है। इससे वहां के डिपार्टमेंट के पास डाटा भी पूरा रहता है और ग्राहकों को भी कीमत को लेकर दुकानदारों से लड़ना नहीं पड़ता। कोड को स्कैन करने के बाद ही शराब की बोतल की बिक्री संभव होगी। इससे शराब की तस्करी रुकेगी तो वहीं अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगेगी। क्यूआर कोड लागू होने के बाद शराब की पूरी डिटेल्स ग्राहकों को पता चल जाएगी। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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