सिविल अस्पताल में महिला ने 11 दिन पहले मासूम को जन्म दिया था, लेकिन उसे मां बनने की असली खुशी अब जाकर मिली। दरअसल सिविल अस्पताल से 11 दिन पहले चोरी हुआ 4 दिन का नवजात आखिरकार अपनी मां की गोद में पहुंच ही गया। बहुचर्चित मामले में खुलासा हुआ है कि एक महिला ने अपनी दूसरी शादी को बचाने और अपने पति से रुपये लेने के चक्कर में ही बच्चे का अपहरण करवाया था।
विज्ञापन
बच्चा होने के 11 दिन बाद नसीब हुआ मां बनने का सुख, तस्वीरें
2 of 7
महराणा निवासी महिला गीता (45) की इस साजिश में सांपला निवासी उसका प्रेमी राजेश उर्फ मनोज और लाहली निवासी उसकी बहन ममता भी शामिल रहे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात ये रही कि जिस बेड से बच्चे का अपहरण किया गया, उसी के पास वाले बेड पर आरोपी महिला की पहले पति से हुई बेटी ने एक बच्ची को जन्म दिया था। महिला अपनी बेटी से मिलने गई थी। इसी दौरान उसने अपहरण की साजिश रच दी। आरोपी मनोज को दो दिन के रिमांड पर भेजा गया है।
विज्ञापन
बच्चा होने के 11 दिन बाद नसीब हुआ मां बनने का सुख, तस्वीरें
3 of 7
पहले पति से अभी तक तलाक की औपचारिकता शुरू भी नहीं हुई थी कि एक लाख रुपये के लिए गीता दूसरे पति तक पहुंच गई। पूठी सैमाण निवासी पवन से 1 लाख रुपये लेने के एवज में गीता ने उससे शादी की थी। एसपी शशांक आनंद ने बताया कि गीता की पहली शादी बहादुरगढ़ निवासी रणबीर से हुई थी। रणबीर और गीता के 5 बच्चे (3 लड़कियां और दो लड़के) हैं। फिर दोनों में संबंध खराब होने के बाद गीता सांपला निवासी मनोज के संपर्क में आ गई।
बच्चा होने के 11 दिन बाद नसीब हुआ मां बनने का सुख, तस्वीरें
4 of 7
27 अक्तूबर को गीता की बेटी नीतिश (जो गीता के पहले पति से है) ने सिविल अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया। नीतिश को के बेड के ठीक पास में ही बैंसी निवासी जच्चा नरेश को रखा गया था। जैसे ही नरेश अपनी सास के साथ भोजन करने के लिए बाहर गई तो गीता ने अपने प्रेमी मनोज की बहन लाहली निवासी ममता को मासूम का अपहरण करने भेज दिया। गीता और मनोज अस्पताल के बाहर इंतजार कर रहे थे। इसी बीच ममता बच्चे को बाहर ले आई।
विज्ञापन
बच्चा होने के 11 दिन बाद नसीब हुआ मां बनने का सुख, तस्वीरें
5 of 7
बच्चे को लेकर तीनों सांपला चले गए। फिर यहां से सैमाण पहुंच गए। पुलिस ने अपहरण के बाद जिस महिला का स्कैच जारी किया था, वह ममता का ही था। यदि पुलिस की कहानी पर यकीन करें तो गीता ने करीब डेढ़ साल पहले पवन से शादी की थी। पवन को गीता से एक बेटा चाहिए था। बच्चा नहीं होने के कारण दोनों के बीच अनबन थी। इस कारण पवन गीता को रुपये भी नहीं दे रहा था। लगातार रुपयों की कमी के कारण गीता ने कुछ महीनों पहले पवन को फोन पर बताया कि वह गर्भवती है।
विज्ञापन
बच्चा होने के 11 दिन बाद नसीब हुआ मां बनने का सुख, तस्वीरें
6 of 7
दोनों करीब छह महीने से साथ नहीं थे। इसके बाद गीता को एक नवजात लड़के की तलाश थी। जब गीता की लड़की नीतिश ने बेटी को जन्म दिया तो गीता उससे मिलने सिविल अस्पताल आई। बस यही से उसकी नजर नरेश के बेटे पर पड़ गई। उसी दिन से अपहरण की साजिश शुरू हो गई थी। हालांकि इस सारी साजिश के बारे में पवन को कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस गीता की बेटी नीतिश से भी पूछताछ करेगी।
बच्चा होने के 11 दिन बाद नसीब हुआ मां बनने का सुख, तस्वीरें
7 of 7
नवजात की दादी कमला देवी ने बताया कि जब हमारा पोता पैदा हुआ तो एक औरत बच्चे पर ज्यादा ही मेहरबान दिख रही थी। वह बार-बार हमारे बच्चे को प्यार कर रही थी। उसके ज्यादा लाड़ ने हमें उस पर शक करने पर मजबूर कर दिया। जब बच्चा गुम हुआ तो उसको इतना दुख भी नहीं हो रहा था। शक के आधार हमने सैमाण गांव की रहने वाली उस औरत का पता लगाया तो बच्चा उसके पास मिला। उसके बाद पुलिस की मदद ली गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर हमारे बच्चे को हम तक पहुंचाने में मदद की है।