कलयुगी मां ने झाड़ियों में फेंक दिया था एक दिन की नवजात, आज वो दुनिया से ही विदा हो गई। जानिए इस मासूम की दर्दभरी कहानी।
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रोहतक में हाइवे किनारे पड़ी मिली एक दिन की नवजात बच्ची
- फोटो : अमर उजाला
मामला रोहतक जिले को लाखनमाजरा का है। पीजीआईएमएस के निक्कू विभाग में भर्ती मासूम को बचाने का डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण मासूम को वेंटिलेटर पर रखा गया था। बाल रोग विशेषज्ञ लगातार उसकी निगरानी कर रहे थे। लेकिन संक्रमण बढ़ जाने के कारण नन्हीं जान को नहीं बचाया जा सका।
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रोहतक में हाइवे किनारे पड़ी मिली एक दिन की नवजात बच्ची
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वहीं, मालूम नहीं किन वजहों से कठोर बने मां-बाप तीसरे दिन भी सामने नहीं आए। मासूम की मौत के साथ ही समाज में बेटियों की स्थिति फिर खुलकर सामने आ गई। पुलिस प्रशासन दो दिन तक खाक छानकर भी मासूम बच्ची के परिजनों का पता नहीं लगा सका। गत 29 जुलाई को गांव चांदी और इंद्रगढ़ के बीच सड़क किनारे झाड़ियों में एक दिन की नवजात लावारिस हालत में पड़ी मिली थी।
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रोहतक में हाइवे किनारे पड़ी मिली एक दिन की नवजात बच्ची
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नेशनल हाईवे 71 से लगते इंद्रगढ़ को जाने वाले अप्रोच रोड के पास खेत में मजदूर धान रोपाई कर रहे थे कि उन्होंने किसी बच्ची की रोने की आवाज सुनी। पास जाने पर काले कपड़े में लिपटी एक बच्ची झाड़ियों में पड़ी मिली। किसानों ने उसे उठाकर पानी पिलाया। भीड़ लगी देखकर वहां से गुजर रहे चांदी गांव के सरपंच अमित मदान ने गाड़ी रोककर मामले का संज्ञान लिया और तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी।
रोहतक में हाइवे किनारे पड़ी मिली एक दिन की नवजात बच्ची
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सरपंच खुद अपनी गाड़ी में ही नवजात को लेकर लाखनमाजरा थाने पहुंचे और अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज कराकर अमित एक प्राइवेट डॉक्टर से बच्ची का इलाज कराकर उसे रोहतक ले आए। यहां चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को बच्ची को सौंपा गया। बच्ची की ताजी कटी नाल को देखकर लग रहा था कि वह एक दिन पहले ही जन्मी थी।