नाटक@टैगोर थियेटर
Fri, 27 Dec 2013 04:43 PM IST
एक सहज-सा युवक ग्रामीण परिवेश से निकलकर शहरी परिवेश में पहुंचता है...
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अपनी क्रांतिकारी विचारधारा से वह समाज को बदलने की कोशिश करता है लेकिन रास्ते में आता है उसका एकतरफा प्यार...
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यह कहानी है लेखक उदय प्रकाश के लिखे नाटक 'राम सजीवन' की प्रेम कथा की...
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चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में अलंकार थिएटर ग्रुप द्वारा एक प्रेम कथा का मंचन किया गया...
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नाटक में दिखाया गया कि गांव का एक लड़का राम सजीवन नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने आता है...
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यहां उसकी मुलाकात होती है कैंब्रिज से पढ़कर लौटी लड़की अनीता चांदीवाला से। वह सोचता है कि लड़की उसको प्यार करती है लेकिन ऐसा होता नहीं है...
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वह एक दिन लड़की को प्रेम पत्र देता है। लड़की इसकी शिकायत कालेज में कर देती है। कालेज राम सजीवन को बाहर का रास्ता दिखा देता है...
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एक साल बाद वह कालेज में फिर से लौटता है तो जन आंदोलन से जुड़ जाता है और आखिर में वह हालातों से हारकर टूट जाता है।