5वें नेशनल थिएटर फेस्टिवल के दूसरे दिन सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में नाटक ‘दूसरा आदमी, दूसरी औरत’ का मंचन किया गया। फेस्टिवल रास कला मंच और संगीत नाटक कला अकादमी चंडीगढ़ के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है।
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अभिनय के अनोखे रंग, तस्वीरों के संग
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रवि मोहन द्वारा निर्देशित इस नाटक को देखने के लिए ट्राइसिटी के काफी लोग पहुंचे। इसमें बंधनों से आजाद प्रेम और उसकी गहराई को अभिनय के माध्यम से दिखाया गया।
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एक घंटे के इस नाटक का सेट बेहद अच्छा डिजाइन किया गया था। एक और ऑफिस और एक और घर दिखाया गया जिसमें लाइट्स का अच्छे ढंग से इस्तेमाल किया गया।
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नाटक की कहानी दो किरदारों की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। ये हैं पूजा दास और संभव सिंह। पूजा मुंबई में एक एड एजेंसी में नौकरी करती है। संभव उसी एजेंसी का मालिक है।
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दोनों की मुलाकातें प्यार का रूप ले लेती है। पूजा हालांकि अपने पति को छोड़ कर आई है और संभव का अपना परिवार है लेकिन वह पूजा की तरफ खिंचा चला जाता है। दोनों का प्यार परवान चढ़ता है।
संभव पूजा को कहता है कि उनके रिश्ते का पता उसकी पत्नी को न चले। नाटक के अंत में दोनों शादी किए बगैर एक-दूसरे के साथ हमेशा इसी तरह रहने का वादा करते हैं।