देखिए एक ऐसा 'शहंशाह', जो मर्सडीज से भी महंगा है और रईसों जैसी जिंदगी जीता है। इसका खाना पीना देखकर भी यकीं नहीं कर पाएंगे।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा शहंशाह
- फोटो : अमर उजाला
हिसार में नौंवी एशियन बोफेलो कांग्रेस में आयोजित कैटवाक में रैंप पर 25 लाख तक की भैंस और 25 करोड़ तक के झोटे ने अपनी चमक-दमक से देश-विदेश के साइंटिस्टों और पशु पालकों को हैरत में डाल दिया। यहां हरियाणा के पानीपत जिले के डिडवाड़ी निवासी पशु पालक नरेंद्र सिंह अपने झोटे घोलू के बेटे शहंशाह को लेकर आए, जो विदेशों में भी मुर्राह नस्ल की पहचान छोड़ रहा है।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा शहंशाह
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र में शहंशाह जब रैंप पर आया तो उसके डील-डोल को देखकर सभी मुग्ध हो गए। नरेंद्र के अनुसार इस भैंसे की कीमत 25 करोड़ तक लग चुकी है। वह उसे किसी भी कीमत पर बेचने को तैयार नहीं है। शहंशाह के सीमेन के लिए उनके पास कोलंबिया, वेनजला व कोस्टारिका समेत कई देशों से ऑफर आई है। हालांकि अभी शहंशाह के सीमेन तैयार नहीं है, लेकिन सीमन तैयार होने पर पशु पालक ऑफर को स्वीकार करने पर विचार कर रहा है।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा शहंशाह
- फोटो : अमर उजाला
शहंशाह के मालिक नरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि शहंशाह को रोज सुबह शैंपू से नहलाया जाता है और उसके बाद आधे किलो तेल से मालिश होती है। हर सप्ताह शहंशाह की सेविंग की जाती है और इसके लिए स्पेशल स्वीमिंग पूल बना है। उसके रहने के लिए खास तौर पर मैट बिछाया है, जिसपर वो बैठता और सोता है। नरेंद्र शहंशाह पर हर महीने लगभग 48 हजार रुपए खर्च करते हैं। शहंशाह स्वीमिंग पूल में उतरता है तो कई घंटों की मस्ती के बाद ही पुल से निकलता है।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा शहंशाह
- फोटो : अमर उजाला
शहंशाह शहंशाह की उम्र 4 साल है, उसकी लंबाई 15 फुट और ऊंचाई 6 फीट है। वह रोजाना दस किलो दूध पीने के साथ दस किलो सेब के अलावा दो सौ ग्राम मिलन मिक्सर भी लेता है। आधा किलो सरसों के तेल से रोजाना जब तक मालिश नहीं होती, तब तक उसको चैन नहीं मिलता। शहंशाह की शेव बनवाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। सप्ताह में एक बार शेव बनाई जाती है। नहाने के लिए फार्म पर ही स्वीमिंग पूल की व्यवस्था की गई है।
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मुर्राह नस्ल का भैंसा शहंशाह
- फोटो : अमर उजाला
15 देशों के वैज्ञानिक पहुंचे
बता दें कि नौंवी एशियन बोफेलो कांग्रेस में पहुंचे 15 देशों के वेटरनरी साइंटिस्टों ने रविवार को हरियाणा की मुर्राह नस्ल का जर्म प्लाज्मा और 100 भैंसों की मांग की। ब्राजील के साइंटिस्ट विलियम वाले ने यह मांग रखी है। विदेशी साइंटिस्ट हरियाणा की मुर्राह और झोटों को देखकर इतने प्रभावित होने के बाद यह मांग रखी। इस कांग्रेस में अमेरिका, कोलंबिया, ग्वालमाटा, ब्राजील, बुल्गारिया, नेपाल, श्रीलंका, फिलिपन, बांग्लादेश, इटली, पेरागुआ सहित करीब 15 देशों के वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया।
एशियन कांग्रेस में 15 देशों के साइंटिस्ट ने हिस्सा लिया। मुर्राह नस्ल की भैंसों को देखकर विदेशी साइंटिस्ट काफी प्रभावित हुए। कुछ देशों ने भारत से मुर्राह नस्ल की भैंस और जर्म प्लाज्मा की डिमांड की। इसमें ब्राजील के साइंटिस्ट मुख्य हैं। - डॉ. इंद्रजीत, निदेशक, केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र