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माउंट एवरेस्ट तो फतेह कर ली अब क्या करेंगी अनीता कुंडू, जानिए फ्यूचर प्लानिंग

Wed, 24 May 2017 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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anita kundu
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तो फतेह कर ली और अनोखा रिकॉर्ड भी बना लिया। अब आगे क्या करेंगी पर्वतारोही अनीता कुंडू। इसके बारे में बता रही हैं, उनकी मां।
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anita kundu
दुनिया की सबसे ऊंची एवरेस्ट की 29029 फीट चोटी पर बेटी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश लिख दिया। कभी बेटियों की भ्रूण हत्या के लिए बदनाम हुए हरियाणा का उसी प्रदेश की बेटी अनीता कुंडू ने देश में सबसे ऊंचा नाम किया। अनीता विश्व की सबसे ऊंची सभी 14 चोटियों पर तिरंगा फहराकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश लिखना चाहती हैं।
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पर्वतारोही अनीता कुंडू
पीएम मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को हिसार की बेटी अनीता कुंडू ने विश्व के सबसे ऊंचे पर्वत पर लिख दिया है। अनीता ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के बाद बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ लिखा संदेश का झंडा भी गाड़ दिया है। बेटियों को बचाने के लिए हरियाणा की इस बेटी का यह एवरेस्ट पर यह पहला संदेश है।

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पर्वतारोही अनीता कुंडू
अब तक कोई भी भारतीय महिला चाइना और नेपाल दोनों साइड से एवरेस्ट पर नहीं चढ़ सकी है। अनीता अपने साथ करीब 30 से 35 किलो वजन साथ लेकर एवरेस्ट चोटी तक पहुंची थी, जिसमें सबसे अधिक वजन का ऑक्सीजन सिलेंडर का था। हरियाणा पुलिस की सब इंस्पेक्टर अनीता कुंडू के इस जज्बे को देश भर से दुआएं मिल रही हैं।
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anita kundu
पिछली बार 2015 में अनीता का एवरेस्ट पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ लिखने की हसरत अधूरी रह गई थी। दो साल बाद इस बहादुर बेटी ने अपने सपने को पूरा कर दिया। अनीता कुंडू जाट स्कूल की छात्र थी। इसके बाद जाट कॉलेज से बीए की। फिलहाल वह जाट कॉलेज में एमए की स्टूडेंट भी हैं। अनीता ने अगला लक्ष्य दुनिया की ऊंची सबसे 14 चोटियों पर बेटी बचाओ बेटी, पढ़ाओ लिखकर तिरंगा लहराने का है। 
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anita kundu
लगातार 30 घंटे का सफर  
एवरेस्ट फतह करने के लिए अनीता ने शनिवार को लगातार 30 घंटे तक चढ़ाई की। एवरेस्ट फतह करने में यह सबसे खतरनाक  था। एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने के लिए अनीता के पास महज कुछ घंटे का ही समय था। यहां सबसे कम ऑक्सीजन होने के अलावा एवलांज आने की भी आशंका भी सबसे अधिक होती है।     
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पर्वतारोही अनीता कुंडू
10 का काफिला निकला, दो ही सफल हो सके     
एवरेस्ट को फतह करने के लिए 10 सदस्यों का दल निकला था, जिसमें अनीता अकेली महिला थी। इंडिया की ओर से भी केवल अनीता कुंडू ही प्रतिनिधि थी। 10 सदस्यों के इस टीम में 17 हजार फीट से ही दो सदस्य लौट आए। इसके बाद 22 हजार की ऊंचाई से दो और वापस चले गए। 26 हजार फीट से दो वापस आ गए। आखिरी कैंप तक तीन लोग पहुंचे थे, जिसमें एक की मौत हो गई। दो सदस्य ही एवरेस्ट पर फतह हासिल कर सके।
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