प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली के दिन बुधवार को गुप्त दौरे पर अमृतसर पहुंच शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ चाय पी और दिवाली भी मनाई। मोदी ने बुधवार दोपहर बाद विशेष आर्मी हेलीकॉप्टर से हवारा के हवाई अड्डे पहुंचे फिर वहां से आर्मी कैंट गए। इस दौरान उनके साथ एयर मार्शल आरुप राहा भी थे।
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PICS: लंदन के पहले सीक्रेट तौर पर यहां गए मोदी, मनाई दिवाली
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सैनिक अधिकारियों और सरकार की ओर से मोदी की इस विजिट को पूरी तरह गुप्त रखा गया था। खासा पहुंच कर मोदी ने आर्मी कैंट में डुगराई रेजीमेंट के शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि यह शहीदी स्मारक हमें कुर्बानी की प्रेरणा देते हैं। मोदी ने कहा कि सैनिक ही उनके असली परिवार सदस्य हैं, जिनके साथ वह दिवाली मनाने आए हैं।
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उन्होंने 1965 के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और युवाओं को आह्वान किया कि वह देश की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने इस दौरान कंपनी क्वार्टर मास्टर अब्दुल हमीद को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की बहादुरी के कारण ही सारी दुनिया में भारत को सम्मान की नजर से देखा जाता है। इसलिए वह सेना की महान परंपराओं को नतमस्तक है।
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उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1965 की जीत को पचास साल होने पर बुधवार को फिरोजपुर पहुंचकर शहीद जवानों की यादगार पर फूल अर्पित किए। प्रधानमंत्री सीक्यूएमएच अब्दुल अहमद पीवीसी वार मेमोरियल असल उताड़ और बरकी वार मेमोरियल फिरोजपुर भी गए। इस मौके पर उनके साथ सेना के चीफ जनरल दलबीर सिंह भी मौजूद थे।
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सेना के प्रवक्ता नरेश विग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा गोपनीय था। 65 की जंग में शहीद हुए जवानों की छावनी स्थित ऐतिहासिक सारागढ़ी परिसर में बनी यादगार पर फूल अर्पित करने के अलावा प्रधानमंत्री ने जवानों के साथ दिवाली मनाई और उनके साथ चाय पी। मोदी ने जवानों को मिठाई भी बांटी।
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इस अवसर पर अधिकारियों ने शहीद जवानों के कारनामों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वेस्टर्न कमांड और लेफ्टिनेंट जनरल जेएस चीमा जनरल ऑफिसर कमांडिंग के अलावा सेना के सभी अधिकारी मौजूद थे।