इतने दिन बीत गए लेकिन किसी के दिमाग में ये बात आई कि गरीब व मध्यवर्गीय लोग तो बैंकों में लगी लाईनों में खड़े है लेकिन अमीरों के नोट कहां गए?
विज्ञापन
2 of 8
1000-500 के नोटों को बदलने का ज्यादातर रूझान गरीब व मध्यवर्गी लोगों में ही दिख रहा है। बैंकों की लंबी-लंबी लाईनों में गरीब व मध्यवर्गी लोग ही दिखाई दे रहे है।
विज्ञापन
3 of 8
लोग अक्सर यह चर्चा करते सुने गए कि आखिर फिर अमीर लोगों के नोट कहा गए। क्योंकि एक भी अमीर व्यक्ति किसी भी बैंक की लाईन में दिखाई नही दिया।
4 of 8
शहर का कोई भी अमीर लाइनों में तो नहीं दिखा और न ही किसी बैंक से रुपए बदलता और न ही जमा करवाता मिला। फिर उनके 500 और 1000 के नोट गए तो गए कहां?
विज्ञापन
5 of 8
बैंकों पर बढ़ी कतार
- फोटो : अमर उजाला
जब इस सबंधी बैंकों के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने इस पर कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया। उन्होंनें सिर्फ इतना ही कहा कि सरकार की नीति के मुताबिक उनके लिए सब अमीर गरीब बराबर है।
विज्ञापन
6 of 8
- फोटो : amarujala
साथ ही कहा कि जिस नीति तहत मध्यवर्गी व गरीब लोगों के भुगतान किया जा रहा है या उनका पैसा जमा करवाया जा रहा है, वही नीति ही अमीर लोगों पर लागू है, उनकों किसी तरह की छूट नही है।
विज्ञापन
7 of 8
BANK
- फोटो : Amar Ujala
सरकार की नीति के तहत अमीर लोग भी आम लोगों की तरह एक दिन में 4000 हजार रुपए ही ले सकते हैं, यह रूल सबके के लिए बराबर है और जमा कोई कितने मर्जी करवा सकता है।
अमीर लोग बैंकों में क्यों नही पहुंच रहे, इस सबंधी बैंक मैनजर ने किसी भी तरह का कमेंट करने से साफ मना कर दिया, लेकिन लोगों में चर्चा रही कि आखिर अमीर लोगों के 500 और 1000 के नोट कहां गए।