इस बार नवरात्र में पांच बार सर्वार्थ सिद्धि के योग, तीन बार रवियोग और तीन ही बार अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इन तीनों योगों को नवरात्रि में होने के कारण यंत्र, तंत्र और मंत्र की साधना के लिए सबसे शुभ माना गया है। इस योग को कालरात्रि, महारात्रि और मोहरात्रि के नाम से जाना जाता है। मंत्रमहोदधि में इसका उल्लेख है। प्रतिपदा से नवमी तक मां भगवती के पूजन करने से घर में सुख शांति और समृद्धि के अलावा आयु विद्या यश और बल में वृद्धि होती है।