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वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के पिता पंचतत्व में विलीन, फूट-फूटकर रोए प्रकाश सिंह बादल, देखिए तस्वीरें

Fri, 15 May 2020 02:34 PM IST
खुशबू गोयल जगदीश जोशी, बादल(मुक्तसर)
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पंचतत्व में विलीन हुए गुरदास बादल - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के पिता गुरदास बादल(88) पंचतत्व में विलीन हो गए। वहीं भाई के पार्थिव शरीर को देखकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल फूट-फूट कर रोए, देखिए तस्वीरें।
 
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पिता के पार्थिव शरीर के पास गमगीन बैठे मनप्रीत बादल - फोटो : अमर उजाला
वीरवार देर रात मोहाली में गुरदास बादल का निधन हो गया था। गुरदास बादल के देहांत की खबर उनके बेटे वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने ट्वीट करके दी। गौरतलब है कि 19 मार्च को मनप्रीत की माता हरमिंदर कौर (74) का भी निधन हो गया था। तभी से गुरदास बादल कुछ ज्यादा ही अस्वस्थ्य चल रहे थे। इस बीच सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां वीरवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
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भाई के पार्थिव शरीर को देख भावुक हुए बड़े बादल - फोटो : अमर उजाला
गुरदास बादल का अंतिम संस्कार दोपहर एक बजे उनके पैतृक गांव बादल स्थित श्मशान घाट में हुआ। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल व अन्य करीबी सदस्य मौजूद रहे। बड़े बादल इस दौरान काफी भावुक नजर आए। वह अपने भाई के पार्थिव शरीर को देखकर भावुक हो उठे और फ्रिजर पर माथा रखकर फूट-फूटकर रोने लगे।

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चाचा की अर्थी को कंधा देते सुखबीर बादल - फोटो : अमर उजाला
पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पिता को ढांढस बंधाया। अंतिम रस्मों में भी सुखबीर बादल ने अपने चचेरे भाई मनप्रीत बादल के साथ मिलकर चाचा की अर्थी को कंधा दिया। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी मौजूद थीं, जो अन्य पारिवारिक महिला सदस्यों को ढांढस बंधाते नजर आईं। सियासत में हुई महाभारत में बेशक बादल परिवार में दूरियां आ गई हों, मगर दोनों परिवार हमेशा से ही गम के समय साथ खड़े नजर आए हैं।
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भाई के पार्थिव शरीर को देख भावुक हुए बड़े बादल - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गुरदास बादल ने 1971 में फिरोजपुर से लोकसभा चुनाव जीता था और सांसद बने थे। प्रकाश सिंह बादल व गुरदास बादल दोनों भाइयों की जोड़ी को लोग राम-लक्ष्मण की मिसाल देते थे। लोग प्यार से प्रकाश सिंह बादल को पाश बुलाते हैं तो गुरदास बादल को दास कह संबोधित करते थे। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि चाचा जी की दयालुता व विनम्र स्वभाव हमेशा याद रहेगा। यह कभी न पूरा होने वाला घाटा है।
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गुरदास बादल को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते हुए - फोटो : अमर उजाला
निधन की खबर मिलते ही बादल निवास में शोक जताने के लिए गांववासियों का आना-जाना शुरू हो गया था। लेकिन इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया। हर आने-जाने वाले के हाथ सैनिटाइज करवाए जा रहे थे। हालांकि वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने भी पारिवारिक सदस्यों के अलावा आम लोगों से कोरोना के चलते संस्कार में शामिल होकर भीड़ न करने की अपील की थी। मगर फिर भी लोग अपने हरमनप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
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