तस्वीरों में मिलिए मैनेजमेंट गुरु शिव खेड़ा से और सीखिए जिंदगी जीने के और जिंदगी में सफल होने के 7 गोल्डन टिप्स।
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लीजिए, विख्यात मैनेजमेंट गुरु से 7 गोल्डन टिप्स
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सपने वो नहीं जो नींद में आते हैं...। सपने वो होते हैं जो नींद नहीं आने देते। इन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए। यदि टाइम एरोप्लेन है तो इसके पायलट भी आप हो।
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खेड़ा ने बोझिलता से बचाने के लिए वन-वे की बजाय रोचक अंदाज में इंटरेक्शन के तौर पर लेक्चर दिया। उन्होंने बीच में कुछ सफल लोगों केउदाहरण पेश करते हुए उनके बुरे क्षणों को सामने रखकर प्रेरणा लेने की भी सीख दी।
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खेड़ा ने बताया कि जब फेलेप्स से 8 गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनके भाग्य का हवाला देकर सवाल किया गया तो वे बोले, भाग्य तो उन्होंने खुद अपनी मेहनत से लिखा है।
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खेड़ा ने सफलता के लिए रोजाना ‘आई एम द चैंपियन’ बोलने के महत्व को भी समझाया। उन्होंने कहा कि एक एथलीट महज 15 सेकेंड की परफार्मेंस के लिए 15 साल मेहनत करता है। इसी तरह सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का रास्ता खोजते रहें।
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खेड़ा ने बीजिंग ओलंपिक में आठ गोल्ड मेडल जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले माइकल फेलेप्स के बारे में कहा कि बहुत कम लोग जानते हैं कि माइकल के हाथ में फ्रैक्चर आ गया था।
खेड़ा ने बताया कि फेलप्स को डॉक्टर ने तैराकी तो दूर, पानी से भी बचने की सलाह दी थी, लेकिन लक्ष्य केचलते फेलेप्स ने हाथों का बहुत कम इस्तेमाल कर टांगों केबल पर तैरना शुरू किया। चार साल मेंउन्होंने 10 हजार घंटे यानी रोज 8 घंटे पानी में प्रैक्ट्सि किए। उसका परिणाम बीजिंग में देखने को मिला।