जवानों को खराब खाना दिए जाने का मामला उठाने वाले तेजबहादुर यादव के गांव में एक आज महापंचायत हुई, जिसमें बड़ा एलान किया गया है।
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बीएसएफ का जवान तेज बहादुर यादव
- फोटो : File Photo
सोमवार को तेजबहादुर यादव के पैतृक गांव रातां कलां में महापंचायत आयोजित की गई। प्रमुख समाजसेवी और संगठन सुप्रीमो ठाकुर अतरलाल की अध्यक्षता में आयोजित इस महापंचायत में जवान तेजबहादुर के पिता शमसेर सिंह, माता निकालकोर, पत्नी शर्मिला एवं पुत्र के साथ इलाके के अनेक गांवों से आये हजारों किसानों, मजदूर, पूर्व सैनिकों एवं युवाओं ने भाग लिया।
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आर्मी से रिटायर्ड हवलदार का खुलासा
- फोटो : फाइल फोटो
महापंचायत में सर्वसम्मति से पांच प्रस्ताव पास करके केन्द्र सरकार को चेतावनी दी गई कि बीएसएफ प्रशासन ने तेज बहादुर को अपमानित व प्रताड़ित करने की कार्यवाही पर तत्काल विराम नहीं लगाया तो इलाके की प्रजा जवान तेजबहादुर के परिवार के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री निवास के समक्ष धरना देगी।
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तेज बहादुर
- फोटो : social media
एसआईटी या सुप्रीम कोर्ट से जांच कराने की मांग
महापंचायत ने बीएसएफ प्रशासन द्वारा सरकार को पेश जांच रिपोर्ट को रद्द कर इस मामले को पीएमओ-एसआईटी या सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से जांच करवाने, तेज बहादुर को पूरा मान सम्मान देने तथा बैर भाव रखने वाले अधिकारियों से सुरक्षा प्रदान करने, अर्धसैनिक बलों के जवानों को सेना के जवानों की तरह सभी सुविधाएं देने, वन रैंक वन पेंशन की विसंगतियों को तत्काल दूर करने तथा बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल डीके उपाध्याय को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई।
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तेजबहादुर यादव
पत्नी व बेटे से तत्काल बात कराई जाए
महापंचायत को संबोधित करते हुए ठाकुर अतरलाल ने कहा कि चार दिन से तेजबहादुर की अपनी पत्नी व पुत्र से बात नहीं हुई है। परिवार सदमे में है, कोई भी अनहोनी हो सकती है। इसलिए तेजबहादुर की तत्काल बात उसकी धर्मपत्नी व परिवार के सदस्यों से करवाई जाए।
तेजबाहुदर की पत्नी शर्मिला यादव तथा माता निहालकौर तथा भतीजा प्रद्युमन ने कहा कि बीएसफ प्रशासन तेजबहादुर को कभी अनुशासनहीन व कभी मानसिक असंतुलित बता कर सरकार व जनता को गुमराह कर रहा है जबकि तेजबहादुर ने अपनी 20 साल की सेवा में 14 अवार्ड तथा आलराउंड बेस्ट अवार्ड प्राप्त किया है। महापंचायत में कैप्टन बलबीर सिंह, हेडमास्टर राकेश यादव, पूर्व निरीक्षक बिशबर दयाल, श्री चंद, दयानंद यादव, दलीप सिंह, जसवंत सिंह, रामहेर, विजय सिंह, पूर्व थानेदार शेर सिंह यादव, प्रो. सुरेन्द्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।