तस्वीर रामदरबार की है।
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सबसे ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा असर
कॉमर्शियल गैस की किल्लत का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा है। कई होटलों में अब पार्टियां बंद कर दी गई हैं और केवल कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। होटल कारोबारियों का कहना है कि सिलिंडर की सप्लाई बाधित होने से रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंदर पाल सिंह के अनुसार शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब दो सौ होटल हैं और अधिकांश को गैस आपूर्ति में समस्या आ रही है, जिससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
पीयू की मेस का मेन्यू बदलने का सुझाव
गैस संकट का असर धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों पर भी दिखाई देने लगा है। कई गुरुद्वारों में लंगर के लिए गैस की जगह लकड़ी के इस्तेमाल की तैयारी की जा रही है। वहीं शैक्षणिक संस्थानों की हॉस्टल मेस में भी गैस बचाने के लिए मेन्यू में बदलाव की योजना बनाई जा रही है। पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण विभाग की बैठक में मेस का ऐसा मेन्यू तैयार करने का सुझाव दिया गया है जिससे गैस की खपत कम हो। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में भी मेस में अधिक गैस खपत वाले व्यंजन सीमित करने का निर्णय लिया गया है।