जीएसटी लागू होने से पहले ही देश को अरबों और करोड़ों का नुकसान हो गया है। यकीं नहीं आता तो ये रिपोर्ट देखिए, पीएम मोदी भी देख लें।
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जीएसटी बिल
दरअसल, जीएसटी के मद्देनजर हरियाणा और पंजाब की करीबन 350236 औद्योगिक इकाइयों, कारोबारियों व ट्रेडर्स ने अपना कारोबार समेट लिया है। इन उद्योगों की रफ्तार पर जहां फिलहाल ब्रेक लग गई है। वहीं, इन कारोबारियों की निगाहें अब तीस जून की रात को लागू होने वाले जीएसटी पर टिकी हैं। हरियाणा में करीब 1.25 लाख विभिन्न सेक्टर के छोटे कारोबारी है।
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GST BILL
साइंस एवं रिसर्च उपकरण, दवा, मिक्सी, कपड़ा, प्लाईवुड, फुटवियर, आटो, फेबरिक, आईटी, एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स, प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग, डेयरी एंड आइसक्रीम, प्लास्ट पैक, साइनेज एंड एडवरटाइमेंट, प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग, लैदर प्रोडेक्ट एंड गारमेंट, आटो कंपोनेंट्स, आटो इलेक्ट्रानिक्स, रेडीमेड गारमेंट, होम फर्निशिंग समेत 30 हजार से अधिक छोटे-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं, जबकि 650 मध्यम और बड़ी इकाइयां हैं।
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GST BILL
उधर, पंजाब में वूलन, राइस मिल, स्पोर्ट्स इक्यूपमेंट, यार्न इंडस्ट्री, साइकिल इंडस्ट्री, स्पोटर्स गुड्स एंड इक्यूपमेंट, सिलाई मशीन इंडस्ट्री, आटो पाटर्स उद्योग, हैंड व मशीन टूल उद्योग, शुगर उद्योग, डेयरी उद्योग, स्टील रोलिंग मिल्स, इंडक्शन चूल्हे, रबड़, टैक्सटाइल प्रिंटिंग, डीजल इंजन पार्ट्स, कंबाइन हारवेस्टर, प्रिंटिंग इंडस्ट्री की 1.94 लाख छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां है। इनमें से 586 मध्यम और बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं।
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जीएसटी बिल
इन सभी उत्पादक इकाइयों ने फिलहाल अपना उत्पादन, तैयार माल का निर्यात, कच्चे माल का आयात और अन्य लेनदेन पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। कारोबारी व अन्य ट्रेडर्स ने भी अपना काम काफी समेट लिया है। इन कारोबारियों की निगाहें अब 30 जून को जीएसटी लागू होने पर हैं, लेकिन उन उद्यमियों व कारोबारियों को ज्यादा चिंता सता रही है, जिन्होंने अपने गोदामों में विभिन्न आइटमों का बड़ा स्टॉक इकट्ठा कर रखा है।
क्योंकि पहला टैक्स देने के बावजूद 30 जून के बाद उस माल की खरीद-फरोख्त पर कारोबारियों व उद्यमियों को नया जीएसटी देना होगा। अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के अनुसार कारोबारी व उद्यमी संशय में है, इसलिए इस वक्त कामकाज ठप रखना ही उचित है।