हरियाणा लोकसभा 2019 चुनाव के दंगल में इस बार पांच दिग्गज नेताओं की किस्मत और प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। राजीतिक भविष्य भी तय होना है, जानिए कौन हैं...
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Tau Devi Lal Family
हरियाणा में लोकसभा चुनाव की शतरंज पर अब तकरीबन सभी मोहरे सामने आ चुके हैं। इस खेल का नतीजा जो भी हो, लेकिन प्रदेश के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। वजह, इन कुनबों में से कोई न कोई सदस्य इस बार लोकसभा चुनाव मैदान में है। इनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री देवीलाल, भजनलाल, बंसीलाल, राव बीरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं। खास बात है कि इन राजनीतिक घरानों के अलावा प्रदेश की राजनीति में दशकों से दबदबा रखने वाले कुलदीप शर्मा, किरण चौधरी, कुमारी शैलजा, कैप्टन अजय यादव, बीरेंद्र सिंह और अवतार भड़ाना का भी इन लोकसभा चुनावों में आगे का राजनीतिक भविष्य तय होगा। ये नेता खुद या इनके परिजन लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
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ajay chautala
सबसे पहले बात करते हैं कि पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री रहे चौ. देवीलाल की। हालांकि इस बार उनका कुनबा भी बिखर गया है। उनके पोते अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला ने जननायक जनता पार्टी का गठन कर लिया है। दुष्यंत चौटाला हिसार सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, ऐसे में अजय चौटाला की किस्मत और प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
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इनेलो नेता अभय चौटाला
चौधरी देवीलाल के दूसरे पोते अभय चौटाला इनेलो की कमान संभाले हैं। अभय चौटाला ने अपने बेटे अर्जुन चौटाला को कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। अर्जुन पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, ऐसे में अभय चौटाला की किस्मत और राजीतिक भविष्य दांव भी पर लगा हुआ है।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा अपनी परंपरागत सीट रोहतक से चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी सोनीपत लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। माना जा रहा है कि अगर ये बाप-बेटे अपनी अपनी सीटें निकालने में कामयाब होते हैं तो पांच-छह माह होने वाले विधानसभा चुनाव में इसका जबरदस्त असर देखने को मिल सकता है। लेकिन इनकी किस्मत और भविष्य दोनों ही दांव पर लगे हैं।
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Chaudhary Birender Singh
मुख्यमंत्रियों के कुनबों के बाद अब प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक दखल रखने वाले नेताओं की बात करते हैं। इनमें सबसे पहला नाम मौजूदा केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह का आता है। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ने बतौर ईनाम उन्हें केंद्रीय मंत्री का तोहफा भी दे दिया। इतना ही नहीं, पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भी भिजवा दिया। इस चुनाव में उन्होंने अपने बेटे ब्रजेंद्र सिंह को हिसार लोकसभा सीट से टिकट दिला दी है। हालांकि यहां पर उनका मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल और भजनलाल के परिवार से होगा। दुष्यंत चौटाला जजपा से और भव्य बिश्नोई कांग्रेस से ब्रजेंद्र सिंह को टक्कर देंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के परिवार से उनके पोते भव्य बिश्नोई को हिसार से टिकट मिली है। भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। गुरुग्राम लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के पुत्र राव इंद्रजीत सिंह चुनाव मैदान में हैं। अजय यादव जो कि कांग्रेस के टिकट पर गुरुग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं, वे प्रदेश में लंबे समय तक कैबिनेट मंत्री रहे हैं।
करनाल सीट से कांग्रेस उम्मीदवार कुलदीप शर्मा के पिता चिरंजीलाल शर्मा चार बार यहां से सांसद चुने गए थे। कुलदीप भी हुड्डा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। कुमारी शैलजा के पिता चौ. दलबीर सिंह भी सांसद रहे हैं। भाजपा के धर्मवीर तो मौजूदा सांसद हैं और वे एक बार फिर भिवानी महेंद्रगढ़ सीट से चुनाव मैदान में हैं। अवतार भड़ाना को कांग्रेस ने फरीदाबाद से टिकट दी है। वे पहले भी सांसद रहे हैं।