अमृतसर में मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर कैबिनेट मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया का घेराव करने जा रहे ईटीटी महिला और पुरूष अध्यापकों पर पंजाब पुलिस ने बर्बरता दिखाते हुए जमकर लाठियां भांजीं।
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मंत्री का घर घेरने जा रहे शिक्षकों पर लाठीचार्ज
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मंत्री मजीठिया का घेराव करने जा रहे ईटीटी अध्यापकों को अमृतसर के डीसी रवि भगत की कोठी के बाहर ही रोक लिया। इस पर अध्यापकों ने सड़क पर ही बैठकर धरना देने शुरू कर दिया। पुलिस अभियान का नेतृत्व कर रहे एडीसीपी परमपाल सिंह ने ईटीटी अध्यापकों को अपशब्द कहने शुरू कर दिए।
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परमपाल सिंह के अपशब्द कहने पर जब अध्यापक नेता रंजीत सिंह बाठ और अन्य अध्यापक बैरीकेड के ऊपर से निकल कर आगे बढ़ने लगे तो परमपाल सिंह ने पुलिस को लाठीचार्ज के आदेश दे दिए। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने एडीसीपी परमपाल सिंह पर गालियां देने का आरोप भी लगाया।
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अध्यापकों पर हुए लाठीचार्ज की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है। संगठनों ने मांग की है कि पुलिस अधिकारी परमपाल सिंह ने बिना किसी ज्यूडीशियल अधिकारी की मंजूरी व मौजूदगी के लाठीचार्ज करने के आदेश दिए हैं। इसलिए उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए।
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लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने टीचरों पर बेरहमी से किए गए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अकाली न सिर्फ लोगों के इस अधिकार को छीन रहे हैं, बल्कि उनकी आवाज भी दबा रहे हैं।
ईटीटी शिक्षक जिला परिषद व पंचायतों के अधीन चल रहे स्कूलों को दोबारा शिक्षा विभाग में विलय करने की मांग कर रहे थे। नेशनल स्टूडेंट फेडरेशन (एनएसएफ), भाकपा, माकपा, किसान संघर्ष कमेटी और कांग्रेस ने अध्यापकों पर लाठीचार्ज की निंदा की है।