अब घर की मां, बहू, बेटियां ऑटो चलाएंगी। आजीविका कमाने के मकसद से महिलाओं ने अब ऑटो का स्टेयरिंग थाम लिया है। तस्वीरों में पूरा मामला।
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जज्बे को सलाम: महिलाओं ने थामा स्टेयरिंग, चलाएंगी ऑटो
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हरियाणा के रोहतक में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक और मुहिम शुरू हो गई। एक माह के इंतजार और ट्रेनिंग के बाद 6 महिलाएं पिंक ऑटो लेकर सड़कों पर उतर गईं। महिला ऑटो चालकों को हरी झंडी दिखाने पहुंचे एसपी शशांक आनंद ने दावा किया कि अब 100 महिलाओं को तैयार किया जाएगा।
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इससे पहले, वैश्य गर्ल्स स्कूल में हुए उद्घाटन कार्यक्रम में एसपी शशांक आनंद ने महिला ऑटो चालकों को स्टेज पर बुलाकर परिचय करवाया। एसपी ने पुलिस महकमे के सभी कर्मचारियों की ओर से एक दिन का वेतन भी आरएसओ को देने की घोषणा की ताकि आगे आने वाली महिला चालकों को भी ट्रेंड किया जा सके। कई समाजसेवी संगठनों ने भी अपने स्तर पर महिला ऑटो चालकों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग दिया।
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ये हैं महिला ऑटो चालक और उनकी कहानियां- प्रोमिला को प्रदेश की सबसे पहली महिला ऑटो चालक होने का गौरव प्राप्त है। कविता थायराइड के ऑपरेशन के दौरान गलत नस कट जाने से कविता खुलकर बोल नहीं पाती हैं। नीलम विधवा हैं। पति की मौत के बाद अब घर चलाने की जिम्मेदारी उनके सिर पर आ गई है। सोनू के पति हार्ट अटैक के बाद से बिस्तर पर हैं। उनकी दवा, घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, ये जरुरतें सोनू को इस राह पर ले आई हैं।
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राजबाला सभी महिला चालकों में सबसे दिलचस्प। उम्र पचास। फैमिली बैकग्राउंड अच्छा। लेकिन लड़कियों को सुरक्षित समाज देने के लिए ऑटो चलाने का जुनून। काफी साल तक ट्रैक्टर भी चलाया है। सबसे दुखदायी कहानी है ज्योति की। एक साल पहले तक ज्योति करोड़पति थी, लेकिन समय की ऐसी मार पड़ी कि जिस सब्जी मंडी में पति की आढ़त की दुकान थी, उसी मंडी के बाहर अब उनको चाय बेचनी पड़ रही है। मुश्किल समय में पति का हाथ बंटाने के लिए ऑटो चालक बनना मंजूर किया।
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रीतु के पति काम नहीं करते तो घर का जिम्मा अपने सिर पर ले लिया। पहले प्राइवेट स्कूल में चपरासी की नौकरी की। शुरू से ही शर्मीली, लेकिन घर संभालने के लिए शर्म को घर पर छोड़ मुश्किलों से दो-दो हाथ करने की ठान ली है। कहती हैं कि काम छोटा बड़ा नहीं होता, बस घर संभल जाए। प्रोमिला बताती हैं कि पहला दिन तो केवल मन्नत उतारने में ही चला गया। ऑटो चलाने की मन्नत पूरी हो गई, इसलिए ऑटो लेकर सबसे पहले मंदिर में गईं और मत्था टेका।