फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'मेरी बेटी डॉक्टर बनना चाहती थी, बहुत बहादुर थी...दरिंदों से आखिरी सांस तक लड़ी'

Thu, 18 Jan 2018 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद/कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 7
जींद गैंगरेप
मेरी बेटी डॉक्टर बनना चाहती थी। बहुत बहादुर थी, तभी तो वहशी दरिंदों से आखिरी सांस तक लड़ी। लेकिन हार गई, कहते-कहते मां बेसुध हो गई।
विज्ञापन

2 of 7
Jind Rape and Murder
दरिंदों ने झांसा निवासी जिस लाडली को दरिंदों ने भयानक मौत दी है, वह देश की साक्षर महिलाओं के आंकड़ों में सुधार करते हुए डॉक्टर बनना चाहती थी। यह जानकारी उसकी मां ने अमर उजाला के रिपोर्टर को दी। इस दौरान दरिंदगी का शिकार हुई मासूम की मां रो-रोकर बोली कि साहब हमें पैसा नहीं, न्याय चाहिए। जिन दरिंदों ने मेरी बेटी का ये हश्र किया, उन पर ऐसी कार्रवाई करो कि वो एक सबक बने।
विज्ञापन

3 of 7
Jind Rape and Murder
मेरी बेटी डाक्टर बनना चाहती थी। दोपहर तक स्कूल में पढ़ती थी और शाम को ट्यूशन जाती थी। आठवीं में उसके 95 प्रतिशत अंक थे। अब कुछ नहीं रहा। उसकी ये कॉपियां रह गई हैं। देख लो इन्हें, कितना सुंदर लिखती थी मेरी बेटी। लेकिन, भाग्य का लेखा इतना बुरा होगा, कभी सोचा भी नहीं था। पीड़िता की मां ने भर्राए गले से बताया कि उसने अपनी सामाजिक विज्ञान की कॉपी में अंतिम पाठ चार लिखा था। इसमें जाति, धर्म और लैंगिक मसलों पर सवाल जवाब लिखे हैं।

4 of 7
Jind Rape and Murder
अमर उजाला की टीम मंगलवार को गांव झांसा की गलियों में पहुंची तो उस गल में सन्नाटा मिला जहां पीड़िता का घर है। उसके आपसपास गांव के दो प्राइवेट स्कूल हैं। इनमें से एक में पीड़िता पढ़ती थी। उस स्कूल पर अभी ताला जड़ा है, जहां पीड़ित छात्रा शाम को कोचिंग लेने जाती थी। स्कूल के चंद कदम की दूरी छात्रा का घर है। इसी स्कूल से चंद कदम की दूरी पर ग्राम सचिवालय है।
विज्ञापन

5 of 7
Jind Rape and Murder
पीड़िता के घर में मंगलवार को परिवार के सिर्फ एक-दो पुरुषों और अधिकांश महिलाएं ही मौजूद थीं। क्योंकि, परिवार के अन्य सदस्य और कुछ रिश्तेदार छात्रा के अस्थि कलश को लेकर हरिद्वार गए हुए थे। इस दौरान मृतका की मां से बात की तो वह लाडली की यादों जुबां पर लाते समय फूट-फूट कर रो पड़ी। मां इस दौरान लोगों को बेटी की कॉपी दिखाती रहीं। उस कापी पर जब नजर डाली तो आखिरी पाठ चार लिखा हुआ था। यह पाठ ही इस निर्भया का आखिरी पाठ बन गया।
विज्ञापन

6 of 7
Jind Rape and Murder
इस पाठ में छात्रा ने सुंदर लेखनशैली के साथ लिखा है  कि ‘शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के साथ भेदभाव का प्रमाण है, उनकी साक्षरता दर। यह सिर्फ 54 प्रतिशत है। आज भी अधिक पैसे वाली और प्रतिष्ठित नौकरियों में महिलाओं का अनुपात बहुत कम है। अर्थात रोजगार के क्षेत्र में भी महिलाओं के साथ भेदभाव किए जाते हैं, राजनीतिक जीवन में जनसंख्या के अनुपात में उनका प्रतिनिधित्व बहुत कम है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
जींद गैंगरेप
हत्या से कुछ देर पहले खाये थे चावल
बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि हत्या से कुछ देर पहले ही छात्रा ने चावल खाये थे। नौ जनवरी शाम चार बजे ट्यूशन के लिए घर से निकली छात्रा का उसके बाद सुराग नहीं लगा था। इसके बाद शुक्रवार (12 जनवरी) को शाम साढ़े चार बजे इस छात्रा की लाश जींद के बुढाखेड़ा में मिली थी। 13 जनवरी को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम हुआ था। डाक्टरों ने पुष्टि की कि उसके पेट में चावल थे। यह चावल उसने हत्या से कुछ ही देर पहले खाए होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें