डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के लिए अब एक और नई मुसीबत खड़ी हो गई है, कयोंकि बाबा का एक 'खास' उनके कई राज उगलेगा।
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राम रहीम और खट्टा सिंह
दरअसल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह कि याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए खट्टा सिंह की उस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उसने छत्रपति मर्डर व रणजीत सिंह मर्डर केस में डेरा प्रमुख के खिलाफ गवाही देने की मांग की थी। पिछले दिनों सीबीआई कोर्ट ने खट्टा सिंह की दोबारा गवाही देने की मांग खारिज कर दी थी, जिसके बाद खट्टा सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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राम रहीम
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सीबीआई कोर्ट पंचकूला में डेरा प्रमुख के खिलाफ चल रहे इन दोनों मामलों में अब खट्टा सिंह गवाही दे सकेगा, जो कि इस मामले के लिए निर्णायक होगी। सीबीआई कोर्ट ने उनकी छत्रपति हत्याकांड मामले में दोबारा बयान दर्ज करवाने के लिए दाखिल अर्जी खारिज कर दी थी। याची ने कहा कि गुजरात दंगों के मामले में कोर्ट ने ऐसे गवाहों को मौका दिया था जो डर के कारण अपने बयान दर्ज नहीं करवा पाए थे।
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Ram Rahim
- फोटो : File Photo
इसी तर्ज पर उन्हें भी बयान दर्ज करवाने की अनुमति दी जाए और सीबीआई कोर्ट के फैसले को खारिज किया जाए। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई जे जवाब तलब किया था। खट्टा सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि वह रणजीत सिंह और पत्रकार छत्रपति की हत्या के समय डेरे मे मौजूद था। उस दौरान ही इन घटनाओं को अंजाम दिया गया था और उस दौरान उसने अपने बयान भी दर्ज करवाए थे।
बाद में डर और दबाव के कारण उसे बयान बदलने पड़े, क्योंकि डेरा बहुत शक्तिशाली था और उसके अंधभक्त कुछ भी करने को तैयार थे। सरकारों का डेरे को पूरा समर्थन प्राप्त था। अब साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को सजा सुनाई जा चुकी है और याची को कोई डर नहीं है। ऐसे में वह इस मामले में गवाही देना चाहता है क्योंकि उसकी गवाही बेहद अहम है। पंचकूला की सीबीआई अदालत के समक्ष भी उसने अर्जी दाखिल कर गवाही रिकार्ड करने की अपील की थी। सीबीआई कोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया जो पूरी तरह से गलत है।