गांव रत्तेवाली के ग्रामीणों का कहना है कि खनन ठेकेदार ने उन्हें झूठे केस में फंसाने के लिए अपने कारिंदों से ही वाहनों को क्षतिग्रस्त करवाया है और वहां बने धर्म कांटा, पर्ची, ऑफिस में आग लगवाई है। जबकि वे लोग तो शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। लेकिन पुलिस प्रशासन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह की कार्रवाई पुलिस कर रही है वह शांत नहीं बैठेंगे। इसके खिलाफ कोर्ट की शरण में जाएंगे और न्याय की मांग करेंगे। जबकि खनन ठेकेदार और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया है।
मनमानियों पर उतारू थी पुलिस, गिरा दिया था टेंट
ग्रामीण गुरदीप, भोला राम, राम सिंह, सरवन सिंह, ऋषिपाल, रिंकू ने बताया कि पुलिस ने धरनास्थल पर पहुंचते ही उनका टेंट गिरा दिया और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाने लगी। जबकि वे लोग स्वयं पुलिस के साथ चलने को तैयार थे। इसके बाद कुछ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने घरों में घुसने की कोशिश की, जिसका महिलाओं ने भी विरोध किया।