फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देखिए कैसे 'मौत' के ट्रैक से गुजर गई दो ट्रेनें, हजारों जिंदगियां बचीं

Fri, 15 Dec 2017 05:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 8
रेल पटरी टूटी
रेल की पटरी 'मौत' का ट्रैक बनी हुई थी और उस पर से दो ट्रेनें गुजर गईं, लेकिन हजारों जिंदगियां बाल बाल बच गईं, वरना बड़ा हादसा होता। जानिए क्या हुआ था?
विज्ञापन

2 of 8
रेल पटरी टूटी
दरअसल, सोनीपत के नरेला-राठधना रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे लाइन टूट गई। वीरवार सुबह करीब 7:20 पर पानीपत से गाजियाबाद की तरफ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन इसी टूटी पटरी से गुजर रही थी। तभी झटका लगने पर चालक ने ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकने से पहले टूटी हुई पटरी से कई डिब्बे गुजर चुके थे। चालक की सूझबूझ के चलते हादसा टल गया।
विज्ञापन

3 of 8
रेल पटरी टूटी
ठीक इससे पहले दो ट्रेनें इसी टूटी पटरी से गुजर कर गईं थी। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था, इन दोनों ट्रेनों में दिल्ली से आने जाने वाले रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। पानीपत-गाजियाबाद पैसेंजर ट्रेन वीरवार सुबह को राठधना रेलवे स्टेशन से अपने निर्धारित समय 7.10 बजे से 10 मिनट देरी से रवाना हुई। यह ट्रेन जब राठधना से करीब एक किलोमीटर दूरी पर पहुंची थी तो साफियाबाद फाटक से पहले ही अचानक ट्रेन को झटका लगा।

4 of 8
रेल पटरी टूटी
ट्रेन चालक को पटरी टूटी होने का शक हुआ और उसने ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद उसने ट्रेन से उतरकर रेलवे लाइन को चैक किया। उसने देखा कि ट्रैक टूटा हुआ है और उसपर से ही आधी ट्रेन गुजरी है, जबकि उसे बीच में ट्रेन रोकने से आधी गुजरने से रह गई। वहां ट्रेन को अचानक रोके जाने पर यात्री भी नीचे उतर गए और रेलवे ट्रैक टूटा देखकर हड़कंप मच गया।
विज्ञापन

5 of 8
रेल पटरी टूटी
ट्रेन चालक ने तुरंत ही रेलवे लाइन टूटी होने की सूचना उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद सोनीपत से पीडब्ल्यूआई अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जहां टीम ने लाइन को आधे घंटे में दुरुस्त कर ट्रेन को दिल्ली की तरफ रवाना किया गया। पटरी टूटने का पता चलने से एक घंटा पहले तक पानीपत-नई दिल्ली ईएमयू और सोनीपत-साहिबाबाद ईएमयू गुजरीं। अगर हादसा होता तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था।
विज्ञापन

6 of 8
railway track
गैस वेल्डिंग करके लगाए गए थे बोल्ट, लाइनमैन भी अंजान
जिस जगह से रेलवे ट्रैक टूटा है, वहां ज्वाइंट था। उस ज्वाइंट को गैस वेल्डिंग करके पहले जोड़ा गया था और उसके बाद दोनों ओर पत्ती लगाकर बोल्ट कसे हुए थे। अब सर्दी ज्यादा होते ही ट्रैक का वह ज्वाइंट खुल गया और पटरी का जोड़ लंबा होता चला गया। ट्रेन के चालक ने उस टूटे ट्रैक को नहीं देखा होता तो वह ज्यादा चौड़ा हो जाता और वहां बड़ा हादसा हो सकता था। इसके लिए लाइनमैन भी जिम्मेदार है। लाइनमैन की रोजाना सुबह पटरी की नियमित जांच की जिम्मेदारी होती है।
विज्ञापन

7 of 8
railway track
रेलवे लाइन टूटी होने से दो पैसेंजर ट्रेनें रही लेट
राठधना रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर दूर रेलवे लाइन के टूटे होने से दो पैसेंजर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से करीब आधा घंटा लेट रही। कुरुक्षेत्र-दिल्ली मेमू और कुरुक्षेत्र-हजरत निजामुद्दीन मेमू ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इन दोनों गाड़ियों को गन्नौर के पास रोक दिया गया था। लाइन के चालू होने के बाद ही इन गाड़ियों को बीच रास्ते आगे चलाया गया।
विज्ञापन

8 of 8
भारतीय रेलवे - फोटो : SELF
रेलवे लाइन के टूटी होने की सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद लाइन को दुरुस्त करने के बाद ट्रेनों को रवाना किया गया।
- पीएन गोस्वामी, थाना प्रभारी आरपीएफ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें