अगर आप हर रोज ट्रेन में सफर करते हैं, तो ये खबर आपके बड़े काम की है। दरअसल, इंडियन रेलवे बेहद अहम बदलाव करने जा रहा है। इसका हर यात्री को फायदा होगा, कई दिक्कतें खत्म हो जाएंगी।
विज्ञापन
2 of 6
railway station
चंडीगढ़, दिल्ली कैंट, गाजियाबाद, बांद्रा टर्मिनल के रेलवे स्टेशनों पर नए साल से रेल यात्री चाइनीज कांटीनेंटल, पंजाबी, साउथ इंडियन के अलावा नॉर्थ इंडियन खाने का लुत्फ उठा सकेंगे। इन रेलवे स्टेशनों पर नए सिरे से फूड प्लाजा खोलने की तैयारी आईआरसीटीसी ने शुरू कर दी है। इन चारों रेलवे स्टेशनों पर फूड प्लाजा खोलने के लिए 15 दिसंबर तक टेंडर निकाले जाएंगे। पिछले सालों के मुकाबले टेंडर फीस की दरों में भी कमी की गई है। एक ओर जहां पहले फूड प्लाजा के लिए 15 लाख 51 हजार रुपये टेंडर फीस रखा गयी थी, अब उसे घटाकर आईआरसीटीसी ने महज करीब 10 लाख 33 हजार रुपये कर दिया है।
विज्ञापन
3 of 6
भारतीय रेलवे स्टेशन
सिर्फ ब्रांडेड कंपनियों को ही मिलेगा मौका, शर्त भी अनोखी
दिसंबर 2018 में फूड प्लाजा के लिए होने वाली टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ ब्रांडेड कंपनियां ही हिस्सा ले सकेंगी। इसलिए टेंडर में शामिल होने वाले कंपनियों के समक्ष अनोखी शर्त पहले ही रख दी है। इस टेंडर प्रक्रिया में कोई साधारण कंपनी भाग नहीं ले सकती। आईआरसीटीसी के रीजनल मैनेजर ने बताया कि वही कंपनियां टेंडर प्रक्रिया में शामिल होंगी, जिनकी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे चार महानगरों में आउटलेट हों और वो भी रेलवे स्टेशन परिसर से बाहर।
4 of 6
रेलवे स्टेशन
देश के छह रेलवे स्टेशनों पर फूड प्लाजा की प्लानिंग
आईआरसीटी द्वारा देश के छह (बंगलूरू, अंधेरी, चंडीगढ़, दिल्ली कैंट, गाजियाबाद, बांद्रा) रेलवे स्टेशनों पर फूड प्लाजा खोने की तैयारी थी, जिनमें बंगलूरू और अंधेरी के रेलवे स्टेशनों पर फूड प्लाजा खोला जा चुका है। वहीं चंडीगढ़, दिल्ली कैंट, गाजियाबाद, बांद्रा के रेलवे स्टेशनों पर फूड प्लाजा खोलने की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
5 of 6
railway station
रेलवे स्टेशन पर कोई अच्छा फूड स्टाल नहीं
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन भले ही वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल हो गया है, लेकिन इस रेलवे स्टेशन पर एक भी खाने का अच्छा फूड स्टाल नहीं है। नतीजा रेलवे यात्रियों को दो से चार किमी रेलवे स्टेशन से दूर पंचकूला और फिर चंडीगढ़ खोने के लिए जाना पड़ता है। बता दें कि शिमला नजदीक होने के चलते यहां पूरे उत्तर भारत नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों का भी आना जाना लगा रहता है। ऐसे में एक अच्छा फूड प्लाजा खुल जाए तो रेल यात्रियों का समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
खाने में मिली शिकायत के बाद बड़े ब्रांडों को टेंडर देने का किया फैसला
मैनेजर सुखविंदर पाल सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा को लेकर पहले कई बार यात्रियों द्वारा शिकायतें मिली थीं। इसलिए आईआरसीटीसी ने फैसला किया कि ब्रांडेड कंपनी को ही फूड प्लाजा का टेंडर अलॉट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त 2013 में पहले चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर फूड प्लाजा के लिए टेंडर हुआ था। अगस्त 2017 टेंडर समाप्त होने के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का फूड प्लाजा बंद कर हो गया था। अब नए सिरे से दिसंबर 2018 में चौथी बार टेंडर निकाला जा रहा है।