हाथ में राइफल लिए दिख रही इन मैडमों को देखकर दुश्मन थर थर कांपने लगते हैं। निगाहें इतनी तेजतर्रार कि जरा सी गलती होने पर जान ले लेती हैं एक झटके में।
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भारतीय महिला जवान
भारत-पाक सीमा धुंध की चादर से पूरी तरह ढक गई है। धुंध तस्करों की मद्दगार है और बीएसएफ जवानों की जान की दुश्मन। सरहद की सुरक्षा में तैनात जवान जहां पड़ोसी देश में होने वाली गतिविधियों पर मुश्किल से पैनी नजर रखे हुए हैं। वहीं बीएसएफ महिला कांस्टेबल हाथ में इंसास (राइफल) लिए धुंध को चीरती हुई फेंसिंग के साथ-साथ गश्त कर रही हैं।
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बीएसएफ में लड़कियां
बीएसएफ जवानों का कहना है कि अधिक धुंध पड़ने पर किसानों को फेंसिंग पार खेती के लिए नहीं जाने देते। क्योंकि कई किसान पाक तस्करों से मिले हुए हैं, इस मौसम का फायदा उठाकर हेरोइन और हथियारों की तस्करी करते हैं। दिन के समय धुंध में इतनी परेशानी नहीं होती जितनी रात को गश्त करने पर आती है। रात के समय अंधेरे के साथ धुंध के पड़ने से उन्हें गश्त के समय हमेशा जान का खतरा बना रहता है।
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बीएसएफ में लड़कियां
जवानों का कहना है कि उन्हें सिर्फ आवाज होने पर ही पता चलता है कि वहां पर कोई है। कई बार जंगली जानवरों के गुजरने की आवाज आती है, तो कई बार पाक तस्कर फेंसिंग पार हेरोइन के पैकेट फेंकते हैं। जवानों ने बताया कि उनकी आवाज से ही वे उसी दिशा में गोलियां चलाते हैं, ताकि पाक तस्कर ढेर हो सके। अंधेरे के कारण निशाना ठीक नहीं लग पाता तो तस्कर नशे की खेप छोड़कर वहां से फरार हो जाते हैं। इस बीच तस्कर उन पर फायरिंग कर देते हैं।
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बीएसएफ में लड़कियां
फेंसिंग के साथ जहरीले सांप भी जान के दुश्मन
बीएसएफ के एक जवान ने बताया कि सरहद पर कुछ ऐसी जगह हैं, जहां पर जहरीले सांप जैसे कोबरा व अन्य रहते हैं। कई सांपों की लंबाई 5 मीटर तक होती है, रात के समय इन जहरीले सांपों का भी खतरा रहता है। लेकिन हम लोग इन सांपों को मारते नहीं है, कभी उनकी जीप के आगे सांप आ भी जाते हैं तो इनके निकलने के बाद ही आगे बढ़ते हैं। धुंध में रात के समय फेंसिंग के साथ गश्त करना खतरे से खाली नहीं होता है।
सरहद पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
सरहद पर बीएसएफ हमेशा अलर्ट रहती है। धुंध के मौसम में गश्त बढ़ा दी गई है। घोड़ों और जीपों के माध्यम से भी पेट्रोलिंग की जा रही है। धुंध के दिनों में हेड क्वार्टर में काम कर रहे जवानों को भी सरहद पर तैनात कर दिया जाता है। फॉग लाइटों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि धुंध में नजर आ सके। जिन जगहों पर तस्करी अधिक होती है वहां पर ज्यादा जवान तैनात किए जाते हैं। आधुनिक यंत्रों से धुंध में फेंसिंग पार होने वाली गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। कहीं हरकत नजर आती है तो गश्त कर रहे जवानों को सूचित करते हैं।
-आरएस कटारिया, सीनियर प्रवक्ता कम डीआईजी, बीएसएफ