भारतीय सेना भर्ती का तरीका बदल रही है। सेना इसके लिए कुछ खास बदलाव कर रही है। आगे जानें क्या होने जा रहा है बदलाव
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सेना में भर्ती
- फोटो : फाइल फोटो
सेना में भर्ती पाने वाले शातिर युवकों पर अब ज्वाइनिंग से पहले ही शिकंजा कसा जाएगा। सेना पहले दस्तावेजों की खुद जांच कराएगी, उनके सही मिलने पर ही नियु्क्ति पत्र जारी करेगी।
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सेना भर्ती
देश भर में ऐसे कई मामले सामने आए, जब युवकों ने सेना की खुली भर्ती में शामिल होने केलिए दलालों से विभिन्न तरह के फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए थे। इनमें मुख्यत: आवेदक का डोमिसाइल (शहर व घर के पते की तहसील से तस्दीक), शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट व स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट आदि शामिल थे।
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सेना की खुली भर्ती
अभी तक होता यह था कि सेना की खुली भर्ती में अपने जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद आवेदक दौड़, मेडिकल और लिखित परीक्षा पास कर लेते थे। इसके बाद उनको ज्वाइनिंग लेटर देकर विभिन्न यूनिटों में तैनात कर दिया जाता था। लेकिन बाद में प्रमाणपत्रों से संबंधित शिकायत मिलने या संदेह होने पर उनकी जांच करवाई जाती थी।
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भारतीय सेना में भर्ती
इसी के चलते सेना मुख्यालय के निर्देश के बाद अब चंडीगढ़, हरियाणा व हिमाचल में भर्ती प्रक्रिया आपरेट करने वाला क्षेत्रीय भर्ती मुख्यालय पूरी तरह से सतर्क हो गया है। सेना ने तय किया है कि चयनित आवेदकों के ज्वाइनिंग से पहले जवानों की टीमें विभिन्न सरकारी विभागों में जाएंगी और आवेदक के दस्तावेजों का सत्यापन करवाएंगी।
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आर्मी भर्ती परीक्षा
सेना चयनित आवेदकों के संबंधित जिलों के डीसी से भी कोआर्डिनेट कर दस्तावेजों की जांच को जल्द पूरा करवाने का आग्रह करेगी। भर्ती मुख्यालय से जुड़े सेना के एक अफसर ने बताया कि इस तरह की कई वेरिफिकेशन चंडीगढ़ और हरियाणा के विभिन्न जिलों में सेना भर्ती मुख्यालय द्वारा भेजी गई हैं। इसके साथ ही सेना विभिन्न राज्यों के शिक्षा बोर्ड व विश्वविद्यालयों से भी चयनित आवेदक के शैक्षणिक सर्टिफिकेट्स की जांच भी जवानों को भेजकर करवाएगी।
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सेना भर्ती
- फोटो : Amar Ujala
सेना के एक अफसर ने बताया कि चूंकि उनके यहां भर्ती के लिए यदि किसी युवक केपास खेल से संबंधित नेशनल और इंटरनेशनल लेवल का सर्टिफिकेट हो तो आवेदक को उसका एक्स्ट्रा वेटेज मिलता है। इस वजह से आवदेक फर्जी स्पोटर्स सर्टिफिकेट तैयार करवाकर भर्ती के दौरान गुमराह करते हैं।
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सेना भर्ती
- फोटो : bureau
भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसे ही मामले में क ई फर्जी खेल सर्टिफिकेट पर संदेह हुआ तो आवेदकों के खेल मुकाबले करवाए गए। कई चयनित आवेदकों को उस खेल के नियम तक मालूम नहीं थे, जबकि उन्होंने मेडल वाले सर्टिफिकेट्स दिए रखे थे। जांच में संबंधित सर्टिफिकेट्स फर्जी निकले ।
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भारतीय सेना में भर्ती
कुछ माह पूर्व इस तरह के लगभग 24 मामले अंबाला में सामने आ चुके हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इन सभी आवेदकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन शिकायत और संदेह केबाद जब उनके दस्तावेज की जांच हुई तो अधिकतर के डोमेसाइल, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट फर्जी मिले।
इसी तरह वर्ष 2010 में भी पंजाब के लुधियाना में सेना भर्ती के लिए युवाओं के फर्जी दस्तावेज तैयार करने के गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल किए जाने वाले कंप्यूटर समेत एक आरोपी को काबू किया गया था।