उस मां के दिल पर क्या बीती होगी, जब उसने मदर्स डे के दिन शहीद बेटे की अर्थी को कंधा देना पड़ा। नजारा जिसने भी देखा, उसका कलेजा फट गया।
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जवान मनदीप कुमार
जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के चिनारबाग गांव में सर्च अभियान के दौरान आतंकियों से लड़ते हुए शहीद सीआरपीएफ की 182 बटालियन के 29 वर्षीय कांस्टेबल मनदीप कुमार शहीद हो गए थे। रविवार को उनके पैतृक गांव खुदादपुर में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले तिरंगे में लिपटी शहीद की पार्थिव देह जब गांव पहुंची तो पूरे गांव में मातम छा गया।
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जवान मनदीप कुमार
शहीद का पार्थिव शव जो कि शनिवार रात ही श्रीनगर से पहुंचा था। पार्थिव देह गांव ले जाने के बजाय रात को गुरदासपुर सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा गया। सुबह गांव लाने के कुछ समय पहले ही उसकी मां कुंती देवी को जब बेटे की शहादत के बारे बताया गया तो वह पत्थर की तरह सुधबुध खो बैठी। तिरंगे में लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो मां की चीत्कारों से सभी का कलेजा छलनी हो उठा।
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जवान मनदीप कुमार
बहादुर बेटे की बहादुर मां ने दिया कंधा
वो मां जिसे बताया गया था कि उसका बेटा टांग में गोली लगने से जख्मी हुआ है, तभी से वह उसकी सलामती की दुआ कर रही थी। मगर होनी तो कल ही उसकी गोद को सूनी कर चुकी थी। आज जब सारा देश मां बेटे को समर्पित मदर्स डे मना रहा था, वहीं शहीद मनदीप की मां अपने बेटे के लिए रिश्ता पक्का करने जाने वाली थी। इसीलिए मां ने रविवार को बेटे के सिर पर सेहरा बांधने के बाद अर्थी को कंधा देकर विदा किया।
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जवान मनदीप कुमार
पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगे
इस तरह एक मां ने बहादुर बेटे की बहादुर मां होने का परिचय दिया। कुंती देवी ने इस मौके पर कहा कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है। शहीद मनदीप की अंतिम यात्रा में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर शहीद मनदीप कुमार अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद, भारत माता की जय, भारतीय सेना जिंदाबाद के जयघोष कर अपने क्षेत्र के जांबाज को भावभीनी विदाई दी।
पिता ने दी मुखाग्नि
पिता नानक चंद ने शहीद बेटे की चिता की मुखाग्नि दी। सीआरपीएफ जालंधर ग्रुप के सेंटर से आए जवानों की टुकड़ी ने शस्त्र उल्टा कर बिगुल की मातमी धुन के बाद हवाई फायर कर शहीद मनदीप कुमार को सलामी दी। इस मौके पर पूरा गांव, प्रशासन के आला अफसर और सेना के कई जवान मौजूद रहे।