बर्फबारी में फंसी गर्भवती महिला के लिए सेना के जवान 'देवदूत' बन कर आए। उन्होंने 'एयरलिफ्ट' करके उसकी जान बचाई और फिर उसकी गोद दो जुड़वां बेटियों की मुस्कान से खिल उठी।
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भारतीय सेना का रेस्कयू ऑपरेशन
दरअसल, सेना ने बांदीपोरा में एक रेस्क्यू ऑपरेशन किया। घाटी में करीब ढाई किलोमीटर नीचे पानर गांव की एक गर्भवती महिला गुलशाना बेगम जबरदस्त बर्फबारी की वजह से अपने गांव में ही फंस गई थी। उसे अस्पताल तक पहुंचाने का कोई जरिया नहीं था। स्थानीय लोगों ने सूचना वहां तैनात आर्मी अफसरों को दी। महिला दर्द से कराह रही थी, सेना की विशेष टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद इस महिला को गांव से निकालकर समय पर अस्पताल पहुंचाया, जहां गुलशाना ने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया।
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भारतीय सेना का रेस्कयू ऑपरेशन
इसी तरह द्रास से पूर्व की ओर 15 किलोमीटर दूर एक एसयूवी हिमस्खलन की वजह से फिसल कर नीचे खाई में नदी के पास जा गिरी। एसडीएम द्रास की ओर से ये सूचना आर्मी अफसरों को देते हुए मदद मांगी गई। सेना के जवानों की प्रशिक्षित टीम ने बड़ी मुश्किल से इस वाहन को बाहर निकाला और सवारों की जान बचाई।
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भारतीय सेना का रेस्कयू ऑपरेशन
देश को दुश्मनों से महफूज रखने के साथ-साथ भारतीय सेना का फोकस इन दिनों आम जनता की ओर भी है। जहां घाटी में कुछ असामाजिक तत्व जवानों पर पत्थरबाजी करने से भी गुरेज नहीं करते, वहीं सेना एक खास थीम के जरिये देशवासियों को यह अहसास कराने में जुटी है कि जवान और अवाम में कोई फर्क नहीं है। जवान भी अवाम का ही हिस्सा हैं, जो वर्दी में देश और देशवासियों की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने को सदैव तत्पर है।
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भारतीय सेना का रेस्कयू ऑपरेशन
इसके लिए सेना ने एक खास अभियान 'अवाम और जवान' शुरू किया है। इसके जरिये सेना लोगों के दिलों में उतरने का प्रयास करेगी। इस अभियान के तहत सेना जनहित में कार्य कर रही है। अब इन कार्यों को सेना की एक विशेष विंग द्वारा सोशल मीडिया पर भी वायरल किया जा रहा है, ताकि लोग इस विशेष अभियान में सेना की गतिविधियों की जानकारी हासिल कर सकें।
सेना के एक आला अफसर ने बताया कि हमारा काम सिर्फ देश की रक्षा करना ही नहीं, अपितु देशवासियों के साथ हर अनुकूल व प्रतिकूल परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना है। इस अभियान में सेना अपने इसी कर्त्तव्य का निर्वाह कर रही है। अभियान के तहत सेना जहां राज्यों में स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कई गतिविधियां करवा रही है, वहीं इन दिनों जान जोखिम में डाल घाटी में बर्फबारी की आपदा में फंसे लोगों की जान भी बचा रही है।