कारगिल युद्ध को 20 साल हो रहे हैं और इस मौके पर दो हजार किलोमीटर का सफर तय करके 22 जवान देश के 'शेरशाह' शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को सलामी देने आएंगे।
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परमवीर विक्रम बत्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
अगर मैं युद्ध में मरता हूं तो तिरंगे में लिपटकर आऊंगा और अगर जीतकर आता हूं, तब अपने ऊपर तिरंगा लपेटकर आऊंगा, लेकिन आऊंगा जरूर। देश सेवा का ऐसा मौका हर किसी को नहीं मिलता। ये बातें 24 साल के कैप्टन विक्रम बत्रा ने कहीं थीं। चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज के स्टूडेंट रहे कैप्टन विक्रम बत्रा कारगिल युद्ध में 7 जुलाई को शहीद हो गए थे। उनको सलामी देने के लिए 11 जुलाई को सेना, एनसीसी और डीएवी कॉलेज मिलकर भव्य कार्यक्रम करने जा रही है, जिसमें उनकी बटालियन के 22 जवान 2 हजार किलोमीटर का सफर तय करके चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं।
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परमवीर विक्रम बत्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
यह सभी जवान 13 जैक राइफल्स के हैं और कैप्टन विक्रम बत्रा भी इसी बटालियन से थे। उनको सम्मानित करने के लिए इन जवानों ने 23 जून को उत्तराखंड के माना पास से मोटरसाइकिल पर अपनी यात्रा शुरू की है, जो द्रास वार मेमोरियल (कारगिल युद्ध स्थल) में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद 10 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। 11 जुलाई की सुबह 10 बजे सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में सेना, एनसीसी व कॉलेज ने मिलकर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कैप्टन विक्रम बत्रा के माता-पिता और भाई को सम्मानित किया जाएगा।
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विक्रम बत्रा
- फोटो : SELF
डीएवी कॉलेज के ऑडिटोरियम में होने वाले इस कार्यक्रम में विक्रम बत्रा के परिवार वालों के अलावा कॉलेज के छात्र रहे अन्य शहीद जवानों के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को भव्य तरीके से आयोजित करने के लिए एनसीसी आर्मी विंग, गर्ल्स विंग, नेवल यूनिट और 2 चंडीगढ़ बटालियन से 50-50 कैडेट्स बुलाए गए हैं। इस मौके पर शहीदों की यादों से जुड़ी एक फोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही कारगिल युद्ध पर बनाई मूवी भी दिखाई जाएगी, जो 13 जैक राइफल्स के जवान अपने साथ लेकर आ रहे हैं।
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कैप्टन विक्रम बत्रा
जानकारी के मुताबिक, 13 जैक राइफल्स के जवानों का 11 जुलाई को डीएवी कॉलेज के गेट पर फूलों के साथ स्वागत होगा। उनके साथ विभिन्न एनसीसी कैडेट्स भी मौजूद होंगे, जो उन्हें गार्ड करते हुए समारोह स्थल तक लेकर जाएंगे। पूरे समारोह में आर्मी विंग के सीओ कर्नल रोहित ठाकुर, एयर विंग के ग्रुप कैप्टन एमआर पांड्या, गर्ल्स बटालियन से कर्नल सेखों और नेवल सीओ बीएन बिष्ठ मौजूद रहेंगे।
कैप्टन विक्रम बत्रा जैसा जांबाज देने के लिए सेना डीएवी कॉलेज को भी सम्मानित करने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, डीएवी कॉलेज के एक बेस्ट कैडेट को हर साल 13 जैक राइफल्स अपनी बटालियन में शामिल करेगी। इसको लेकर 11 जुलाई को कार्यक्रम के दौरान घोषणा की जा सकती है। यह कॉलेज के लिए गर्व की बात है, क्योंकि कैप्टन विक्रम बत्रा भी 13 जैक राइफल्स से ही थे और उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया था। कैप्टन बत्रा एनसीसी 1 चंडीगढ़ एयर स्क्वाड्रन के बेस्ट कैडेट्स में से एक थे। बहादुरी के कारण ही उन्हें भारतीय सेना ने ‘शेरशाह’ तो पाकिस्तानी सेना ने ‘शेरखान’ का नाम दिया था।