आसमान से अचानक टॉफी, चॉकलेट और पैराशूट की बरसात होने लगी तो देखकर लोग हैरान रह गए, लेकिन बच्चे खुश हो गए। देखिए तस्वीरें।
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अचानक आसमान से बरसने लगे पैराशूट, टॉफी और चॉकलेट
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दरअसल, हरियाणा के हिसार में 1965 के भारत-पाक युदध की गोल्डन जुबली मनाई गई। इसमें हवाई जहाज के जरिए बच्चों को लिए टॉफी, चॉकलेट और छोटे-छोटे पैराशूट बरसाए गए।
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कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सेना की ओर से किया गया था, जिसमें सेना की माइक्रो लाइट टीम ने शानदार एयर शो पेश किया। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए शहर भर से लोगों को आमंत्रित किया गया था।
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ले. कर्नल एमएस चावला की लीडरशिप में माइक्रो लाइट एयर शो आयोजित किया गया। हिसार एयरपोर्ट से तीन माइक्रो लाइट हवाई जहाज उड़े। आर्मी कैंट एरिया के हेलीपैड क्षेत्र में अपने करतब दिखाए। सेना की इस टीम ने शाम सवा पांच से लेकर पौने छह बजे तक करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया।
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सेना की टीम ने कर्नल एमएस रंधावा, कर्नल रंजीव सिंह, मेजर एबीवाई टीएम, सीक्यूएमएच सूरजराम, सीएचएम बहादुर सिंह, हवलदार राजेंद्र सिंह, एनके एनसी गिरी, लांस नायक संजय कुमार, लांस नायक सचिन कुमार, कदम सूरज, योगेंद्र कुमार, एसके फनैयर सहित अन्य शामिल थे।
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ले. कर्नल एमएस चावला ने बताया कि पांच सितंबर से यह अभियान शुरू हुआ था। माइक्रो लाइट वायुयान ने आसमान से बडे़ आकार के तिरंगे लहराए। इसके बाद यह तिरंगे जमीन तक पहुंचे। आसमान में जय हिंद, भारतीय सेना, 1965 गोल्डन जुबली के झंडे लहराए गए। हरे, लाल तथा सफेद रंग के बैलून में टॉफियां व चॉकलेट डालकर बच्चों के लिए आसमान से इन्हें गिराया गया।
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सेना की टीम ने इस मौके पर एंकरिंग करते हुए भारतीय सेना, माइक्रो लाइट टीम कार्यक्रम की जानकारी दी। साथ ही युद्ध के समय बचाव के तरीके, हमले को पहचानने आदि के बारे में बताया। इस दौरान देशभक्ति के गीत बजाए गए। बच्चों ने भारतीय सेना जिंदाबाद के नारे लगाए।
सेना का यह दल जोधपुर, सूरतगढ़, भटिंडा, हिसार में करतब दिखाने के बाद कोटा के लिए रवाना हो गया। कोटा तथा जयपुर में शो करने के बाद यह मिशन पूरा होगा। सेना अधिकारियों ने बताया कि इन वायुयान को ऐसे मौसम में उड़ाना काफी जोखिम भरा होता है।