पठानकोट में एयरबेस पर 2016 में हुए आतंकी हमले को लेकर एयरफोर्स के एक अफसर ने कई खुलासे किए हैं, जिनका सीधा कनेक्शन गरुड़ कमांडो और एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो से है।
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पठानकोट हमला
- फोटो : Reuters
एयरफोर्स स्टेशन पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के हमले के बाद एयरफोर्स के गरुड़ कमांडो और एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो ने मोर्चा संभाल रखा था। 400 मीटर से शुरू हुई आतंकियों की घेराबंदी 40 मीटर तक पहुंच चुकी थी। इसी दौरान आतंकियों के हमले में एनएसजी कमांडो घायल हो गए तो एयरफोर्स ने कमांडो को पीछे हटने के लिए कहा ताकि वह एमआई 35 से हमलाकर सकें मगर कमांडो अड़ गए और पीछे हटने से इनकार कर दिया।
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Pathankot airbase attack
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ की शुरुआत अंबाला के जाबांज गरुड़ कमांडो कारपोरल गुरसेवक की टीम से हुई। घायल होने के बावजूद गुरसेवक लगातार आतंकियों पर गोलियां बरसाता रहा। लेकिन अचानक वह शहीद हो गया। चारों आतंकी एयरफोर्स के डिफेंस सिक्योरिटी कोर की ओर बढ़ने लगे। तभी अचानक एक आतंकी का सामना सूबेदार जगदीश चंद से हुआ। निहत्थे जगदीश ने उस आतंकी को दबोच लिया और उसकी बंदूक छीन कर उसे उड़ा दिया, लेकिन जगदीश वीरगति को प्राप्त हुए।
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पठानकोट आतंकी हमला
इसके बाद तीन आतंकी एयरबेस के पश्चिमी हिस्से की घनी झाड़ियों में घुस कर ओझल हो गए। इस इलाके का मोर्चा एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो ने संभाल लिया। एयरफोर्स के एक आला अफसर ने बताया कि 2 जनवरी को सुबह साढ़े चार बजे से लेकर 10 बजे तक आतंकियों की घेराबंदी रही। लोकेशन मालूम चलने के डर से आतंकियों ने फायरिंग बंद रखी। लेकिन एनएसजी कमांडो अब आरपार के मूड में थे।
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पठानकोट एयरबेस
- फोटो : फाइल फोटो
इसलिए सुबह 10.30 बजे एनएसजी कमांडो की टीम ‘आखिरी हिट मूव’ झाड़ियों के भीतर घुसने लगी। टीम को और भीतर आता देख घबराए आतंकियों ने असाल्ट राइफल, मोर्टार राउंड और ग्रेनेड से टीम पर पूरी ताकत के साथ हमला बोल दिया। हमले में 6 कमांडो घायल हो गए। एनएसजी कमांडो के घायल होने के बाद एयरफोर्स के एक आला अफसर ने एनएसजी फोर्स कमांडर से कार्रवाई वहीं रोकने को कहा।
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पठानकोट आतंकी हमला
- फोटो : amar ujala
एयरफोर्स अफसर ने कमांडर से कहा कि वे अपने लड़कों को पीछे होने का आदेश दें, ताकि एयरफोर्स अपने घातक हेलीकॉप्टर एमआई-35 से उस इलाके पर ताबड़तोड़ हवाई हमला कर सके। एनएसजी कमांडर ने अपने कमांडो को एयरफोर्स की इस रणनीति से अवगत करवाते हुए इलाके से पीछे हटने का निर्देश दिया। मगर कमांडो की टीम ने यह कहते हुए इलाके से पीछे हटने को मना कर दिया कि अब वे आतंकियों की घेराबंदी नहीं छोड़ सकते।
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पठानकोट आतंकी हमला
- फोटो : amar ujala
इस पर एनएसजी फोर्स कमांडर ने ऑपरेशन को लीड कर रहे वाइस एयर मार्शल से आग्रह किया कि वे कुछ भी करें, मगर हमला करते हुए बस इतना याद रखें कि उनके जाबांज कमांडो वहीं मौजूद रहेंगे। रणनीति के तहत एमआई-35 अचानक उस दायरे में नीचे की ओर आया। हेलीकॉप्टर को देख एनएसजी कमांडो बचाव के लिए छिप गए और आतंकियों ने तुरंत अपनी लोकेशन बदलने की कोशिश की। हेलीकॉप्टर ने जबरदस्त हवाई हमला किया।
जवाब में भागते आतंकियों ने भी कमांडो पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। लेकिन अब जान की बाजी लगाकर डटे ब्लैक कैट कमांडो ने उन्हें वहीं घेर लिया और तीनों आतंकियों मौत के घाट उतारकर ही दम लिया। शाम 5.30 बजे तक एयरबेस पर शांति छा गई। आतंकी हमले की तीसरी बरसी पर इस खुलासे से जहां देशवासी हैंरान हैं, वहीं कमांडो की बहादुरी और शहादत को भी सलाम कर रहे हैं।