देश में एक बच्ची जो अभी तक सिर्फ 9 महीने की है और उसका वजन 20 किलो है, लेकिन अब वह पतली हो रही है। जानिए यह चमत्कार कैसे हो रहा है।
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Baby Chahat admitted to PGIMER
ये लड़की कोई और नहीं, पंजाब के अमृतसर की रहने वाली चाहत है। सिर्फ नौ महीने की उम्र में ही इसका वजन 20 किलो है। मां बाप के पास पैसा नहीं कि इलाज करा सके। इसलिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बच्ची का इलाज कराने को हाथ बढ़ाया। इलाज की जिम्मेवारी पीजीआई चंडीगढ़ को सौंपी गई। इलाज शुरू हुआ और अब राहत भी खबर सामने आई।
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8 महीने की 'चाहत'
दरअसल, इलाज शुरू होने के बाद से चाहत का वजन करीब 500 ग्राम कम हुआ है। जबकि उसका हर महीने दो किलोग्राम वजन बढ़ रहा था। करीब एक माह से उसका इलाज चल रहा है। पीजीआई के डॉक्टरों का कहना है कि अभी मुख्य रिपोर्ट नहीं आई है। इसके बावजूद मोटापे का बेसिक इलाज शुरू करवा दिया गया है। यदि जेनेटिक रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो इलाज बदल देंगे। वरना यही इलाज चलेगा।
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अनोखी बच्ची चाहत
डॉक्टरों ने बताया कि जब वह पीजीआई आई थी, तब उसका वजन 20 किलोग्राम था। अब उसका वजन 19 किलो 500 ग्राम रह गया है। इलाज के तौर पर चाहत को कुछ मेडिसिन दी गई और एक्सरसाइज करवाई जा रही है। एक घंटे उसे रोजाना चलना होता है। मोटापे का यही बेसिक इलाज है। चाहत के पिता सूरज ने बताया कि वह अपने बच्ची के इलाज से खुश हैं।
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अनोखी बच्ची चाहत
सूरज ने पीजीआई के डॉक्टरों का धन्यवाद देते हुए कहा कि चाहत के इलाज में संस्थान के डॉक्टर पूरी मदद कर रहे हैं। अब दस दिन बाद फिर से आना है। तब तक चाहत के सैंपलों की रिपोर्ट भी आ जाएगी। सूरज ने बताया कि जन्म से ही चाहत का वजन बढ़ता जा रहा था। आमतौर पर इस उम्र में बच्ची का वजन सात से दस किलो के बीच रहता है, लेकिन लगातार वजन बढ़ने से वे परेशान थे।
सूरज ने बताया कि चाहत के इलाज में करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च आना था। पीजीआई ने राष्ट्रीय अरोग्य निधि के तहत दो लाख रुपये मंजूर किए हैं। चाहत के सैंपल बंगलूरू स्थित लैब भेजे गए हैं। उसके मोटापे के पीछे जीन की गड़बड़ी है। किस जीन में गड़बड़ी है, उसके लिए सभी जीन की जांच की जानी जरूरी है। एक की जांच में पांच हजार रुपये का खर्च आता है।