भारत ने दो पाकिस्तानी कैदियों को मंगलवार (14 जनवरी) को रिहा कर दिया है। इन्हें अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान रवाना कर दिया गया है। इनकी पहचान मुबारक बिलाल और साजिद हैदर के रूप में हुई। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच अटारी सड़क सीमा पर लाया गया। दस्तावेजों की जांच के बाद सीमा सुरक्षा बलों ने दोनों को पाकिस्तानी रेंजर के हवाले कर दिया। मुबारक बिलाल होशियारपुर के बाल सुधार गृह और साजिद हैदर को दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा किया गया।
साजिद हैदर लाहौर की कोट लखपत जेल के साथ सटे एक गावं फूलां राजपूतां का रहने वाला है। वर्ष 2008 में बंग्लादेश बॉर्डर से भारत में प्रवेश किया था। दिल्ली में आकर रहने लगा। रोजी-रोटी के लिए दो वर्ष तक टैक्सी चलाने के बाद वर्ष 2010 में पुलिस के आगे आत्मसमर्पण कर दिया। वर्ष 2012 में दिल्ली की अदालत ने हैदर को सात वर्ष की सजा सुनाई थी।
रिहा होकर वतन लौट रहे हैदर ने कहा की वह पाकिस्तान के एजेंटों के झांसे में आ गया। पाकिस्तानी एजेंटों ने उसे पहले लाहौर से ढाका पहुंचाया। फिर भारत- बांग्लादेश की सीमा पर छोड़कर चले गए थे। वहां से वह भारत में प्रवेश कर दिल्ली पहुंच गया था। उसने कहा की वह 12 वर्ष के बाद घर जा रहा है।
मुबारक बिलाल को 28 फरवरी 2018 को खेमकरण सेक्टर से भारत में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान बीएसएफ जवानों ने गिरफ्तार किया था। उस समय बिलाल नाबालिग था। तरनतारन की अदालत ने बिलाल को छह महीने की कैद की सजा सुनाई थी। अदालत के आदेश पर उसे होशियारपुर स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया गया था।
सजा पूरी होने के बाद तरनतारन की अदालत ने चार सितंबर 2018 को इसकी रिहाई के आदेश जारी किए थे। रिहाई के आदेश के बाद भी बिलाल बाल सुधार गृह में था। भारत सरकार ने 9 जनवरी को बिलाल को वापस भेजने के आदेश जारी किए थे। मंगलवार को बिलाल की वतन वापसी हो गई है। मीडिया से बातचीत में बिलाल ने कहा बाल सुधार गृह में उसके साथ अच्छा व्यवहार किया गया।