नोटबंदी के बाद ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए लोग कई तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में ध्यान दें, कहीं ये जुगाड़ आप पर भारी न पड़ जाए।
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money
नोटबंदी के मद्देनजर आयकर विभाग जहां लोगों के बैंक खातों में ट्रांजेक्शन का हिसाब लगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं पंजाब के लोगों के बैंक खातों पर 30 दिसंबर तक विशेष तौर पर नजर रखी जा रही है। इनमें वे बैंक खाते ज्यादातर निशाने पर रहेंगे, जिनमें अचानक बंद हुए नोट जमा कराए जाएंगे। यह कवायद इसलिए शुरू की गई कि गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर वोट खरीदने की कोशिश करने वाले प्रत्याशी 500 और 1000 के पुराने नोट के रूप में जमा काला धन गरीबों में न बांट सकें।
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बैंक में पैसा निकासी के लिए लगी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत ने देश में नोटबंदी लागू होते ही यह आशंका जताई थी कि चुनावी माहौल में कुछ नेता अपना काला धन सफेद करने के लिए यह काम कर सकते हैं। उनका कहना था कि चूंकि गरीब व्यक्ति अगर दो-चार या उससे अधिक नोट अपने खातों में जमा कराएगा तो यह ट्रांजेक्शन आयकर की नजर में नहीं आ सकेगी। इस तरह कालाधन रखने वाले दोहरा फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
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पैसा संकट
इस संबंध में पंजाब की सत्ताधारी शिअद की सहयोगी पार्टी भाजपा के प्रधान विजय सांपला से पूछे जाने पर उन्होंने पंजाब में ऐसी कोई गतिविधि होने की आशंका को सिरे से खारिज किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग चुनाव में गलत तरीके इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस बार वह कामयाब नहीं हो सकेंगे। मोदी ने सभी नेताओं और लोगों के बैंक खातों में होने वाली ट्रांजेक्शन पर नजर रखने के आदेश आयकर विभाग को दिए हैं।
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बैंक के बाहर लाइन में खड़े लोग
पार्टी प्रधान ने कहा कि सांपला ने कहा कि पंजाब में इस बार कोई भी गलत प्रत्याशी नोटों का लालच देकर वोट खरीदने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। आयकर विभाग चौकन्ना है और हर तरह के लेनदेन पर नजर रखी जा रही है। उधर, आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 30 दिसंबर तक सभी बैंक खातों में हो रही ट्रांजेक्शन की जांच की जाएगी। बैंक खातों में अचानक जमा होने वाले पुराने नोटों का हिसाब भी जांचा जाएगा।
बैंक में रुपए लेने के लिए कतार में लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि आचार संहिता लागू होते ही राज्य चुनाव आयोग सरकार और राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले खर्च पर सख्ती से नजर रखता है। इस दौरान प्रदेश के बैंकों में भी होने वाले पैसों के लेनदेन पर नजर रखी जाती है। पंजाब में चुनाव होने हैं और नोटबंदी चल रही है तो इसके मद्देनजर आचार संहिता लागू होते ही लेनदेन का हिसाब रखने के लिए काम शुरू हो जाएगा।