AIPMT पेपर लीक प्रकरण में आरोपियों से रोहतक में पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला है। अंडरगारमेंट में डिवाइस छिपाकर बड़े ही शातिर तरीके से पेपर लीक का अजीब खेल खेला जाता था। तस्वीरों में जानिए यह पूरा खेल। जानकर दंग रह जाएंगे।
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देखिए, अंडरगारमेंट में ऐसे छिपाते थे पेपर लीक का डिवाइस
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गिरोह के मास्टर माइंड की ओर से परीक्षार्थी तक आंसर-की पहुंचने और पेपर होने का खेल हाईटेक टेक्नोलॉजी पर चलता था। टेक्नोलॉजी भी ऐसी कि पुलिस भी हैरान है। आरोपियों के कब्जे से माइक्रो चिप, ब्लू टूथ डिवाइस, डिजिटल वॉच बरामद की हैं। ये अंडर गारमेंट में छुपा कर रखी गई थीं और उन्हें इस तरह से फिट कर रखा था कि जल्दी से किसी के हाथ न लग पाएं।
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सारा सिस्टम पूरी तरह कोड पर आधारित था। यह कोड केवल
परीक्षार्थियों व उनके एजेंटों के बीच ही पता रहता था। पेपर में बैठने के
बाद परीक्षार्थियों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती थी।
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परीक्षार्थियों की एक खांसी से बाहर बैठे उनके
एजेंटों को पता लग जाता था कि उनके पास कौन सी सीरिज का पेपर आया है और कौन
सी आंसर-की भेजनी है। इसके बाद वे अपने व्हाट्स एप से आंसर-की भेजना शुरू
कर देते हैं। की पहुंचने के बाद परीक्षार्थियों के पास आंसर भेजना शुरू कर
देते थे। बाहर से एक खांसी का मतलब होता था ‘ए’, 2 खांसी का मतलब ‘बी’, 3
खांसी का मतलब ‘सी’ और 4 खांसी का मतलब ‘डी’। ऐसे में परीक्षार्थी को बोलने
की जरूरत नहीं पड़ती।
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आरोपियों ने खुलासा किया कि परीक्षार्थी को पहले ही
तैयार किया जाता था। इसके लिए उन्हें बाकायदा ड्रेस दी जाती है। इसमें
महिलाओं के अंडर गारमेंट भी शामिल हैं। इनमें ब्लू टूथ चिप लगी होती है।
इसे अंडर गारमेंट में इस तरह फिट कर दिया जाता है कि जल्दी से हाथ लगाने पर
भी एहसास नहीं होता। एक महीन सी तार से इस ब्लू टूथ को दूसरे डिवाइस से
जोड़ दिया जाता है। उसमें माइक्रो चिप लगी होती है। साथ ही घड़ी में डिजिटल
कैमरा लगा होता है और कान में ब्लू टूथ डिवाइस। इन चारों को आपस में
कनेक्ट कर पूरा पेपर सोल्व कर दिया जाता है।
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मान लिया एक अभ्यर्थी कमल का रोल नंबर 23478945 है। रोल नंबर के अंतिम तीन अंक 945 हैं। 945 को 4 से भाग कर दें। इसके बाद शेष बचेगा 1 अर्थात कमल के पास ए सीरीज का पेपर आया है। इसी तरह अपने परीक्षार्थियों के रोल नंबर को गुणा भाग कर वे सीरीज का पता लगा लेते थे। हालांकि कई बार उनकी परेशानियां भी बढ़ जाती थी कि सीटिंग प्लान बदल जाता है।
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आरोपियों ने खुलासा किया कि रोल नंबर मिलने के साथ ही इस गैंग को पता चल जाता था कि परीक्षार्थी के पास कौन सी सीरीज का पेपर आने वाला है। आरोपियों ने इसके लिए पूरा गुणा गणित का एक सेट फार्मूला तैयार कर रखा है। वे रोल नंबर के अंत के 3 नंबरों को 4 से भाग कर देते थे। इसके बाद जो अंक बचता था, उससे अंदाजा लग जाता था कि परीक्षार्थी के पास कौन सी सीरीज का पेपर आया है।
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सामने आया है कि तीन अलग-अलग लोगों के कुल 9 कैंडीडेट थे। इनमें दो लड़कियां और 7 लड़के शामिल हैं। इनमें राजेश के पास गोहाना के दो ग्राहक थे, जिनमें एक लड़की और एक लड़का था। डा.भूपेंद्र सांगवान के 3 ग्राहक थे, जिनमें एक हिसार, एक गोहाना और करनाल की लड़की शामिल थी। रवि के पास कुल 5 कैंडीडेट थे जिनमें पांचों लड़के थे और उनमें एक-दो जयपुर के भी हैं।
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आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने अंडर गारमेंट के सेट बरामद किए हैं। इन सेट की खरीदारी आरोपियों ने दिल्ली के पटेल नगर से की। एक-एक सेट की कीमत 7 से 12 हजार रुपये के बीच है। इन्हें ब्लू टूथ गारमेंट के नाम से जाना जाता है।