मेरी आंखों के सामने मेरा छोटा भाई तड़प तड़प कर मर गया, अब मैं घर जाकर मम्मी पापा को क्या जवाब दूंगी। यह बात कहते कहते बहन बेसुध हो गई।
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मामला हरियाणा के समालखा का है। हथवाला में छठी कक्षा के छात्र 11 वर्षीय निखिल की स्कूल बस के टायर के नीचे आने से मौत हो गई। यह हादसा निखिल की बड़ी बहन मानसी की आंखों के सामने हुआ। मृतक निखिल पावटी रोड स्थित लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। बहन मानसी 10वीं की छात्रा है, जो अभी सदमे में है।
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एएसआई रामेश्वर ने बताया कि
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी के बाद डिकाडला, हथवाला, बिलासपुर गांव के बच्चों को लेकर स्कूल बस निकली। बस में सवार महिला शिक्षिका अपने गांव डिकाडला में उतर गई। गांव हथवाला के अड्डे पर बस का हेल्पर निजी काम से उतर गया। चालक रिंकू दूसरे बच्चों को हथवाला के ही रेती पाना चौक पर उतारकर बस को बैक करने लगा।
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चालक ने निखिल को नीचे उतरकर बस बैक करवाने को कहा। बैक करवाते हुए निखिल गिर गया और बस के पिछले पहिये के नीचे आ गया। लोगों ने चालक को आवाज भी लगाई, लेकिन उसने इस ओर ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार है, लेकिन मृतक के पिता नरेश के बयान पर चालक रिंकू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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वहीं निखिल की मौत से उसकी बहन सदमे में है। मां बाप का भी रो रोक बुरा हाल है। निखिल रक्षाबंधन से पहले ही बहन की आंखों में आंसू देकर और माता-पिता के सपना को अधूरा छोड़कर सदा के लिए दुनिया से चला गया। कुछ दिन पहले ही दिल्ली से अपना उपचार करवाकर लौटी बीमार मां ने कभी ये सोचा भी नहीं होगा कि उनके जीने का सहारा इकलौता चिराग इस तरह बुझ जाएगा।
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हादसे के बाद बस में सवार बच्चे भी सदमे में आ गए। चालक खून से लथपथ निखिल को लेकर वापस स्कूल गया था। इस दौरान दूसरे बच्चे भी उसमें सवार थे। बाकी बच्चों को दूसरी बस से भेजा गया और इस दौरान बच्चे पूरी तरह से सहमे हुए थे। उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि निखिल की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि गांव बिलासपुर में रहने वाले निखिल के साथी डरे हुए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन
बस के पहिए के नीचे कुचले जाने से अकाल मौत का शिकार हुआ निखिल अपने पीछे कई सवाल भी छोड़ गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बच्चों को लाने ले जाने वाली स्कूल बसों को लेकर कई तरह की गाइडलाइन बनाई हैं। लेकिन अधिकांश निजी स्कूल इन नियमों की पालना नहीं कर रहे। इसी का परिणाम है कि नियमों को ताक पर रखकर बस का गार्ड बच्चों को लावारिस छोड़कर उतर गया। साथ ही बस को बैक करवाने के लिए छात्र को कह गया।
बस चालक व गार्ड की लापरवाही से हादसा हुआ है। उसको बस से नहीं उतरना चाहिए था। उन्हें इस घटना का गहरा दुख है तथा उनकी संवेदना परिवार के साथ है।
- सुरेंद्र आर्य, प्रबंधक, लार्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल हथवाला