वहीं कांग्रेस ने नए चेहरे निखिल मदान को उतारा, जो कभी किसी पद पर नहीं रहे। निखिल मदान मैनेजमेंट से पोस्ट ग्रेजुएट हैं और अपने उस मैनेजमेंट को निखिल ने चुनाव में इस्तेमाल किया। जहां निखिल मदान को 72118 वोट मिले, वहीं ललित बत्रा को 58301 वोट मिले और भाजपा के ललित बत्रा को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने नगर निगम चुनाव में ललित बत्रा को जीत दिलाने के लिए सांसद रमेश कौशिक, संजय भाटिया, मंत्री कंवरपाल गुर्जर, विधायक कृष्ण मिड्ढा, मोहनलाल बड़ौली, पूर्व मंत्री कविता जैन, सीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन को उतारा था। सीएम मनोहर लाल खुद भी प्रचार करने के लिए 20 जगह गए थे। जबकि कांग्रेस से पूरे चुनाव की कमान खुद सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संभाली हुई थी तो केवल एक दिन पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा आए थे।