प्लाजो
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प्लाजो और जींस पर पाबंदी
पुरुषों के लिए किसी भी रंग की जींस, डेनिम स्कर्ट और डेनिम ड्रेस को पहनने की अनुमति नहीं होगी। स्वेटशर्ट, स्वेट सूट, शॉर्ट्स की अनुमति भी नहीं होगी। इसी प्रकार, महिलाओं के लिए स्लैक्स, ड्रेस, स्कर्ट और पलाजो, टी शर्ट, स्ट्रेच टी-शर्ट, स्ट्रेच पैंट, बैकलेस टॉप, ड्रेस टॉप, क्राप टॉप, टॉप शाटर, लो नेक लाइन वाला टॉप, ऑफ शोल्डर ब्लाउज, स्नीकर्स, चप्पल आदि की अनुमति नहीं होगी। स्नीकर्स, स्पोटर्स शूज, लोफर शूज पहनने पर पाबंदी रहेगी। काले रंग के साफ जूते ही पहन सकेंगे।
क्लास वन आफिसर के लिए भी लागू हो पॉलिसी : विनीता
नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन की राज्य प्रधान विनीता कुमारी ने ड्रेस कोड लागू करने के लिए अपने सुझाव दिए हैं। साथ ही मांग की है कि यह केवल ग्रुप-सी और डी के लिए लागू न होकर क्लास-1 और 2 स्तर के अधिकारियों के लिए भी लागू हो। महानिदेशक को लिखे पत्र में विनीता कुमारी ने कहा कि सीनियर आफिसर के लिए अप्रेन होता है, इसे ऐसा ही रखा जाए। साथ ही नर्सिंग सिस्टर के लिए ड्रेस तय करने से पहले एसोसिएशन के सदस्यों से सुझाव लिए जाएं, तभी इसे लागू किया जाए।
लैब कर्मचारियों को अप्रेन तक नहीं मिल रहे : रमेश कुमार
लैब टेक्निशियन एसोसिएशन के राज्य प्रधान रमेश कुमार ने कहा कि एसोसिएशन कई बार लैब कर्मचारियों के लिए ड्रेस लागू करने की मांग कर चुकी है, लेकिन सरकार ने इस पर गौर नहीं किया। इतना ही नहीं साल में दो बार मिलने वाले अप्रेन भी कर्मचारियों को नहीं दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों के लिए ड्रेस भी लागू की जाए और भत्ता भी दिया जाए।
सख्ती से किए जाएं आदेश लागू : विनोद दलाल
उधर, एसोसिएशन गर्वमेंट फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने फैसले का स्वागत किया है। साथ ही ये भी मांग की है कि यह केवल कागजी आदेश बनकर न रह जाए, इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। फार्मासिस्ट के लिए अप्रेन पहनना जरूरी होता है, लेकिन अगर सरकार हमारे लिए भी कोई ड्रेस कोड लाती है तो इसका स्वागत करेंगे।