हर रोज ट्रेन में सफर करने वालों को रेलवे ने बड़ा झटका दिया है। दरअसल रेलवे ने कई नियम बदल दिए हैं और इसका खामियाजा लोगों को भुगतना होगा।
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रेलवे स्टेशन
देश में जीएसटी लागू होने के बाद रेलवे की एक्सरसाइज जारी है। रेलवे धीरे-धीरे कई सुविधाओं और प्रक्रियाओं को जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी में जुटा है। इसी कवायद में रेलवे पर जीएसटी का जो असर सामने आया है, उसने यात्रियों से जुड़ी कई सुविधाओं को प्रभावित किया है। इससे लग्जरी ट्रेनों में जहां सफर थोड़ा महंगा हो गया है।
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railway
वहीं स्टेशन परिसरों में मौजूद रेस्तराओं में भी खाना महंगा हो गया है, लेकिन स्लीपर और जनरल बोगी में यात्रा करने वाले यात्रियों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा, जबकि पार्सल भी अपेक्षाकृत थोड़ा महंगा हो गया। रेलवे ने जीएसटी संबंधित निर्देश सभी मंडलों व अफसरों को भेज दिए गए हैं। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि रेलवे ने जीएसटी के तहत रेल सुविधाओं व सेवाओं को अपडेट कर दिया है।
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रेलवे की बल्ले-बल्ले
- फोटो : File Photo
रेलवे में जीएसटी लागू होने के बाद लग्जरी ट्रेनों राजधानी, दूरंतो व शताब्दी में सर्व होने वाले लंच, ब्रेकफास्ट व डिनर की लागत में 5 रुपये अतिरिक्त चार्ज होंगे। स्टेशनों पर रेलवे के अधिकृत बूथों से मिलने वाला स्टैंडर्ड मील (खाना) महंगा नहीं होगा। रेलवे की पार्सल सर्विस 0.05 प्रतिशत टैक्स बढ़ेगा। अभी इस पर 0.45 प्रतिशत वैट लगता है, अब 0.50 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
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indian railway food
विभिन्न स्टेशन परिसर में स्थित एसी रेस्तराओं में 11 प्रतिशत सर्विस टैक्स की बजाय अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। स्टेशनों पर नॉन एसी रेस्तराओं में 11 प्रतिशत सर्विस टैक्स की बजाए अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। सभी ट्रेनों के एसी कोच में यात्रा करने पर किराए में सर्विस टैक्स 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 5 प्रतिशत लगेगा। स्लीपर और जनरल कोच में यात्रा करने पर किराये में कोई फेरबदल नहीं होगा।
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रेलवे स्टेशन
रेलवे के टेंडर, कांट्रेक्ट भी होंगे प्रभावित
जीएसटी के चलते रेलवे के टेंडर व कांट्रेक्ट भी प्रभावित होंगे। इसके अंतर्गत जो टेंडर रेलवे के चल रहे हैं। उसमें ठेकेदार के बिलों में से ही रेलवे आरसीएम (रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म) के तहत जीएसटी काटेगा और संबंधित टैक्स अथारिटी को जमा करवा देगा। दूसरी ओर, रेलवे के टेंडर भी अब जीएसटी केतहत ही रिलीज किए जाएंगे।
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रेलवे स्टेशन
जीएसटी से बाहर रहेगी रेलवे की अपनी सप्लाई
रेलवे यदि अपने उपकरणों और सामग्री को अपने उपयोग के लिए यदि एक स्टेट से दूसरी स्टेट ले जाता है तो इसे जीएसटी की जद से बाहर रखा जाएगा। कई तरह की रेलवे सामग्री व उपकरण रेलवे के विभिन्न राज्यों में स्थित वर्कशाप, डिपो व शेड्स से दूसरे राज्याें में जाते हैं। इस गुड्स सप्लाई को सीजीएसटी की धारा 31 (3) व 7 (1) के तहत छूट दी जाएगी।
रेलवे मंत्रालय के निर्देशानुसार जीएसटी के चलते सेवाओं व सुविधाओं को अपडेट किया जा रहा है। इससे आम यात्री को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। जीएसटी से कुछेक सेवाओं पर ही ज्यादा फर्क दिखाई देगा।
- दिनेश कुमार, मंडल रेल प्रबंधक अंबाला