एक जुलाई को जीएसटी लागू करने के तीन महीने बाद सरकार ने बड़ा बदलाव किया, जिससे कई चीजें सस्ती हो गईं। जानिए अब किस चीज पर कितना जीएसटी लगेगा।
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GST रिटर्न के बावजूद पैनल्टी और लेटफीस
सरकार ने जीएसटी स्लैब के साथ साथ जीएसटी रिटर्न को लेकर भी बदलाव किए हैं, जिसके कारण व्यापारी भड़के हुए हैं। उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली को खूब खरी खोटी सुनाई। रविवार को जींद में नरवाना स्थित आर्य स्कूल में व्यापारियों का राज्य स्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन हुआ। इसमें आए व्यापारियों ने देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली को अनपढ़ तक करार दिया।
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GST
व्यापारियों ने कहा कि सरकार ने एक देश और एक टैक्स का नारा दिया था, जबकि आज भी अनेक कर वसूले जा रहे हैं। या तो 18-28 प्रतिशत टैक्स प्रणाली हटाओ या स्वयं हट जाओ। वक्ताओं ने कपड़े पर टैक्स लगाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मोदी और जेटली ने कफन को टैक्स फ्री नहीं छोड़ा। प्रदेश महासचिव अनिल आर्य ने कहा कि देश के वित्त मंत्री जहां से चुनाव लड़ेंगे, व्यापारी वहीं एकत्रित होकर उन्हें हराने का काम करेंगे।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला
सम्मेलन के मुख्यातिथि अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने व्यापारियों व उद्योगपतियों से सलाह लिए बिना और जल्दीबाजी में एक जुलाई को जीएसटी लागू कर दिया। इससे देश का 50 प्रतिशत व्यापार व उद्योग पिछड़ गया। जीएसटी ने व्यापारियों को पूरी तरह से जकड़ा लिया है। व्यापारी ही नहीं वकील, सीए व अकाउटेंट तक रिटर्न भरने में परेशान हैं।
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GST impact
बता दें कि सरकार ने अब कुल 211 वस्तुओं की जीएसटी दरों में बदलाव किया गया है। 178 वस्तुओं पर जीएसटी दर घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है और नई दरें 15 नवंबर से लागू होंगी। अब 28 प्रतिशत वाले स्लैब में अब 228 वस्तुएं नहीं सिर्फ 50 वस्तुएं ही रह गई हैं। इसमें पान मसाला, सॉफ्ट ड्रिंक, तंबाकू, सिगरेट, सीमेंट, पेंट, एयर कंडीशनर, परफ्यूम, वैक्यूम क्लीनर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कार, दोपहिया वाहन और विमान रहेंगे।
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gst
- फोटो : अमर उजाला
इन चीजों पर 28 की जगह 18 प्रतिशत टैक्स
इलेक्ट्रिक कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इलेक्ट्रिक बोर्ड, पैनल, कंसोल, कैबिनेट, वायर, केबल, इंसुलेटेड कंडक्टर, इलेक्ट्रिक इंसुलेटर, इलेक्ट्रिक प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिले, इलेक्ट्रिक कनेक्टर्स, ट्रक (लोहे की पेटी), सूटकेस, ब्रीफकेस, ट्रैवलिंग बैग, हैंडबैग, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, लैंप और लाइट फिटिंग के सामान, शेविंग के सामान, डियोड्रेंट, परफ्यूम, मेकअप के सामान, फैन, पंप्स, कंप्रेसर, प्लास्टिक के सामान, शॉवर, सिंक, वॉशबेसिन, सीट्स के सामान, प्लास्टिक के सेनेटरी वेयर।
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Chandigarh GST
18 प्रतिशत टैक्स
सभी प्रकार के सिरेमिक टाइल, रेजर और रेजर ब्लेड, बोर्ड, सीट्स जैसे प्लास्टिक के सामान, पार्टिकल/फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड, लकड़ी के बने सामान, लकड़ी के फ्रेम, फर्नीचर, गद्दे और बिस्तर, डिटर्जेंट, धुलाई और सफाई में इस्तेमाल होने वाले सामान,कटलरी, स्टोव, कुकर, नॉन इलेक्ट्रिक डोमेस्टिक एप्लाइंस, कपड़े, चमड़े के कपड़ों के सामान, संगमरमर, ग्रेनाइट के बने सामान, कलाई घड़ी, घड़ी और वॉच केस एवं उससे जुड़े सामान, ऑफिस, डेस्क इक्विपमेंट, सीमेंट, कंक्रीट।
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Chandigarh GST
18 प्रतिशत टैक्स
कृतिम पत्थर से बने सामान, वॉल पेपर, ग्लास के सभी प्रकार के सामान, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, अग्निशमक उपकरण, बुलडोजर्स, लोडर, रोड रोलर्स, एस्केलेटर, कूलिंग टॉवर, रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के विद्युत उपकरण, साउंड रिकॉर्डिंग उपकरण, सभी प्रकार के संगीत उपकरण और उससे जुड़े सामान, कृत्रिम फूल, पत्ते और कृत्रिम फल, कोको बटर, वसा और तेल पाउडर, चॉकलेट, च्विंगम और बबलगम, रबर ट्यूब और रबर के बने तरह तरह के सामान, चश्में और दूरबीन.
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gst
- फोटो : GETTY IMAGES
18 के बजाए इन वस्तुओं पर 12 फीसदी जीएसटी
मधुमेह रोगियों को दिया जाने वाला भोजन,प्रिंटिंग इंक, टोपी,कृषि, बागवानी, वानिकी, कटाई से जुड़ी मशीनरी के सामान, जूट, कॉटन के बने हैंड बैग और शॉपिंग बैग, रिफाइंड सुगर और सुगर क्यूब, गाढ़ा किया हुआ दूध, पास्ता और सिलाई मशीन का सामान।