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GST को लेकर देश में कितनी कन्फ्यूजन है, अफसरों का ये करनामा गवाह है

Wed, 05 Jul 2017 09:12 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Chandigarh GST
जीएसटी को लेकर देश में कन्फ्यूजन चल रही है, इसका अंदाजा अफसरों के इस कारनामे से लगाया जा सकता है। पीएम मोदी भी हैरान रह जाएंगे जानकर।
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Chandigarh GST
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को समझ में नहीं आ रहा है कि हर प्रोडक्ट पर कोडिंग कैसे की जाए? सॉफ्टवेयर अपडेट होने से पहले ग्राहकों को कैसे बिल दिया जाए। क्या बैक डेट से बिल काटा जाए या कच्चा बिल। ग्राहकों को भी समझ में नहीं आ रहा कि जीएसटी के बाद क्या सस्ता हुआ क्या महंगा। ऐसे ही हालात उन अधिकारियों के हैं, जिन पर जीएसटी समझाने की जिम्मेदारी है।
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gst
सोमवार को अमर उजाला ने चंडीगढ़ प्रशासन के सभी ईटीओ से जीएसटी से संबंधित एक सवाल पूछा। इस सवाल का सभी एक्साइज एंड टैक्सेशन आफिसर (ईटीओ) ने अलग-अलग जवाब दिया। हेल्पलाइन से पूछा गया तो उसका कुछ और जवाब था। बाद में जीएसटी एक्सपर्ट से पूछा गया तो उनका जवाब अलग था। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि जीएसटी को लेकर अफसरों में भी असमंजस की स्थिति है।

 

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gst - फोटो : सोशल मीड‌िया
सवाल : 12 लाख रुपये सालाना किराया आय के रूप में आता है। सर्विस टैक्स का पहले से ही रजिस्ट्रेशन है। क्या मुझे जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा?
हेल्पलाइन का जवाब : यदि रेंट के जरिए आपकी सलाना इनकम 12 लाख रुपये है तो जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
पहले ईटीओ का जवाब : सर्विस टैक्स के रजिस्ट्रेशन को जीएसटी में कन्वर्ट कराना होगा। ताकि सालाना आय के हिसाब से टैक्स लगे।
दूसरे ईटीओ का जवाब : यदि 20 लाख से ऊपर की आय है तो जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

 
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जीएसटी
तीसरे ईटीओ का जवाब : जीएसटी नंबर लेना होगा। बाकी एक बार विभागीय एक्सपर्ट से पूछकर बताते हैं।
चौथे ईटीओ का जवाब : यदि लिमिट 20 लाख से ऊपर है तो जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है।
जीएसटी एक्सपर्ट का जवाब : 20 लाख रुपये तक इसकी आवश्यकता नहीं। लेकिन अगर सर्विस अंतर राज्य है तो जीएसटी रजिस्ट्रेशन आवश्यक है।
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gst - फोटो : अमर उजाला
सवाल: अगर कोई नेशनल अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) का सब कांट्रैक्टर है। क्या उसे जीएसटी नंबर लेना होगा। उसके लिए जीएसटी की दर क्या होगी।
हेल्पलाइन का जवाब : एक्सपर्ट से पूछकर बताते हैं। एनएचआई के तहत सब कांट्रैक्टर पर जीएसटी की क्या दर रहेगी। 15 मिनट बाद हेल्पलाइन दोबारा कॉल किया, जवाब मिला कि आपको थोड़ी देर में बताते हैं।

 
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GST
पहले ईटीओ का जवाब : सब कांट्रैक्टर क्या काम कर रहा है, जीएसटी उस हिसाब से लगेगा। कांट्रैक्टर के काम और मैटीरियल पर अलग अलग जीएसटी लगेगा।
दूसरे ईटीओ का जवाब : सब कांट्रैक्टर को जीएसटी में रजिस्टर्ड कराना होगा। जहां तक सब कांट्रैक्टर की बात है तो उस पर 28 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू होगी। आप थोड़ा इंतजार करें। इस पर एक्सपर्ट से बात करनी होगी।

 
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GST
तीसरे ईटीओ का जवाब : जीएसटी की दर अलग है। सब कांट्रैक्टर के कम के हिसाब से जीएसटी लगेगा।
चौथे ईटीओ का जवाब : इस पर विभागीय एक्सपर्ट से बात करनी होगी।
जीएसटी एक्सपर्ट का जवाब : अगर सब कांट्रैक्टर सप्लाई का काम करता है तो उस पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा और यदि निर्माण ठेकेदार के अंतर्गत है तो उस पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा।
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