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जज्बाः पिता का मर्डर, ओलंपिक में चोट बिस्तर पर रही, फिर भी जीत लाई दो गोल्ड...और अब बड़ा सम्मान

Sat, 19 Jan 2019 09:08 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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vinesh phogat
पिता के मर्डर के बाद टूट गई थी, रियो ओलंपिक में ऐसी चोटी लगी कि एक साल बिस्तर पर रहना पड़ा, पर बहादुर बेटी का जज्बा कम नहीं हुआ। कॉमनवेल्थ  और एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा, और अब उनके हाथ एक और उपलब्धि लगी है।
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vinesh phogat
हम बात कर रहे हैं, इंटरनेशनल पहलवान विनेश फोगाट की, जिन्हें प्रतिष्ठित लॉरेस विश्व खेल पुरस्कारों में नामांकित किया गया है। अब विनेश पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं, जिनका नाम इन पुरस्कारों के लिए नामांकित हुआ। विनेश का नाम  'लॉरेस वर्ल्ड कमबैक आफ द ईयर (साल में वापसी करने वाली सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी)' की श्रेणी में नामांकित किया गया है। यह भारत के लिए और विनेश के लिए बड़े गौरव की बात है।
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विनेश फोगाट
24 साल की इस पहलवान ने चोट के कारण लंबे समय बाद शानदार वापसी करते हुए गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों और जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। विनेश फोगाट द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महावीर फोगाट की भतीजी और इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट की चचेरी हैं। विनेश ने 21वें कॉमनवेलथ गेम्स में 50 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था।

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विनेश फोगाट
रियो ओलंपिक 2016 में चोट लगने के बाद विनेश फोगाट काफी समय पर बिस्तर पर रहीं, लेकिन इस बहादुर बेटी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और फिर से अखाड़े में उतरी। विनेश ने शानदार वापसी की है और नतीजा आज सभी के सामने है। 24 अगस्त 1994 को जन्मीं विनेश के पिता राजपाल का जमीनी विवाद के चलते मर्डर हो गया था। जिसके बाद महावीर फोगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंक को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी।
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पहलवान विनेश फोगाट
विनेश ने भी अपने ताऊ जी का मान रखते हुए इंटरनेशनल लेवल पर एक गोल्ड समेत 8 मेडल जीतकर उनका और देश का नाम रोशन किया है। विनेश ने पहली बार साल 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। यहां 51 किलोग्राम वर्गभार में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। विनेश फोगाट इससे पहले 48 किलोग्राम वर्ग में खेलती थी, कॉमनलवेल्थ में विनेश 50 किलोग्राम वर्ग में रिंग में उतरी और मेडल जीत लिया।
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विनेश फोगाट
उन्होंने रियो ओलंपिक 2016 में हिस्सा लिया था, जिसमें वे चोटिल हो गई थीं, पर हौंसला बढ़ाते हुए सरकार ने उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा। इससे पहले विनेश 2014 कॉमनवेल्थ में गोल्ड और 2014 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी थीं। चोट से उबरने के बाद विनेश ने 2018 में वापसी की और पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और फिर एशियन गेम्स में, जहां उसी खिलाड़ी को हराया जिसने ओलंपिक में चोट दी थी।
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