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5 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी छात्राओं की हालत बिगड़ी, वजह काफी शर्मनाक है

Wed, 17 May 2017 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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भूख हड़ताल पर बैठी लड़कियों की हालत खराब
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रेवाड़ी के गांव गोठड़ा ठप्पा डहीना में भूख हड़ताल पर बैठी लड़कियों की हालत खराब हो गई है। वहीं इस हंगर स्ट्राइक के पीछे की वजह काफी शर्मनाक है।
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  Haryana: Girl students of Govt High School in Rewari continue hunger strike, few girl students fall ill on the 6th day of protest pic.twitter.com/cR1Ifm4MAW — ANI (@ANI_news) May 16, 2017

  देश में लड़कियों की हालत इससे ज्यादा क्या खराब होगी कि उन्हें अपनी रक्षा के लिए खुद ही संघर्ष करना पड़ रहा है। रेवाड़ी के एक गांव गोठड़ा ठप्पा डहीना में 80 लड़कियां 5 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं। आज उनकी तबीयत बिगड़ गई, आनन फानन में उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। एक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है।
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शुक्रवार रात भी 3 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें रात को ही हॉस्पिटल में ऐडमिट कराया गया। वे शनिवार सुबह दवा लेकर लौटीं और दोबारा भूख हड़ताल पर बैठ गईं। छात्राओं के साथ गांव के सरपंच सुरेश चौहान भी हड़ताल पर बैठे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए धरनास्थल पर डॉक्टरों की टीम पहुंच गई है। उन्होंने छात्राओं का चेकअप किया। कुछ छात्राओं का बीपी कम हो रहा है। वहीं, कुछ में शूगर की कमी पाई गई है।

छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के आसार ज्यादा हैं। इसलिए धरनास्थल पर एक एंबुलेंस भी खड़ी कर दी गई है। बता दें कि लड़कियों की सिर्फ इतनी मांग है कि गांव के स्कूल को दसवीं से बारहवीं तक कर दिया जाएख् लेकिन सरकार और प्रशासन की तरफ से सिर्फ आश्वाशन मिल रहा है। यहां स्कूल 10वीं तक का ही है, जिसके चलते उनको 3 किलोमीटर दूर गांव कंवाली में जाना पड़ता है।
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रास्ते में मनचले उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं

भूख हड़ताल पर बैठी लड़कियों की हालत खराब
छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में आते-जाते समय रास्ते में मनचले उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं। सरपंच सुरेश चौहान ने बताया कि छेड़छाड़ की घटनाओं से त्रस्त होकर ही लड़कियों ने ये कदम उठाया है। वाहन की सुविधा के अभाव में वो पैदाल ही स्कूल जाने को मजबूर हैं। हेलमेट पहने हुए आदमी लड़कियों के पास से बाइक से गुज़रते हैं और उनके साथ छेड़-छाड़ करते हैं। चेहरा न देख पाने के कारण वो अकसर बच निकलते हैं।

पिछले साल एक लड़की को उठाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया था। वहीं ज़िला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर बलोदिया ने कहा कि लड़कियों को सरपंच और उनके घरवालों द्वारा गुमराह किया जा रहा है। स्कूल को अपग्रेड करने से पहले कुछ मानदंडों को पूरा करने की आवश्यकता होती है। गांव के स्कूल में केवल 150 स्टूडेंट्स हैं, ये संख्या स्कूल को अपग्रेड करने के लिए बेहद कम है।
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