श्रीनगर के कुपवाड़ा में शहीद हुए सेना के जवान दिनेश गुर्जर पंचतत्व में विलीन हो गए। इस दौरान उनकी मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। देखिए तस्वीरें।
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कुपवाड़ा में शहीद हुए सैनिक दिनेश गुर्जर का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
यमुनानगर जिले के साढौरा ब्लॉक के गांव झंडा निवासी 23 वर्षीय दिनेश गुर्जर की करंट लगने से मौत हो गई। आतंकवादियों के खिलाफ अभियान पर निकले दश्ते में शामिल दिनेश शुक्रवार रात जनरेटर चालू करने गया था, इसी दौरान उसकी करंट लगने से मौत हो गई। तिरंगे में लिपटे दिनेश के पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचने पर उसके परिजन शोक में डूब गए। पूरे सैन्य सम्मान के साथ दिनेश का अंतिम संस्कार किया गया।
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कुपवाड़ा में शहीद हुए सैनिक दिनेश गुर्जर का अंतिम संस्कार
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दिनेश पिता महेंद्र गुर्जर ने बताया कि रात आठ बजे फोन के माध्यम से उन्हें दिनेश के निधन का समाचार मिला। दिनेश का शव लेकर पहुंचे मेजर एके व्यास ने बताया कि राजपूताना रेंजीमेंट की टुकड़ी ने कुपवाडृ के पास स्थित सोनामाडी में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया हुआ था। रात्रि के समय लाइट जाने पर दिनेश कुमार को जनरेटर चलाने की ड्यूटी सौंपी गई। इसी दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई।
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कुपवाड़ा में शहीद हुए सैनिक दिनेश गुर्जर का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
23 साल के जवान दिनेश गुर्जर श्रीनगर के कुपवाड़ा में तैनात थे। उसके शहीद होने की सूचना मिलते ही घर पर लोगों का तांता लग गया। हर कोई उसकी मौत से स्तब्ध था। शनिवार शाम छह बजे मेजर एके व्यास सेना की टुकड़ी के साथ शहीद का पार्थिव शरीर लेकर गांव में पहुंचे। जैसे ही शहीद का शव गांव पहुंचा, वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।
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कुपवाड़ा में शहीद हुए सैनिक दिनेश गुर्जर का अंतिम संस्कार
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गांव के श्मशान घाट में सैनिक सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। सेना के आठ जवानों ने 28 राउंड चलाकर सलामी दी। दिनेश गुर्जर को फुटबॉल खेलने का शौक था। घाड़ क्षेत्र में केवल झंडा गांव में फुटबॉल एकेडमी है। दिनेश स्टेट लेवल तक फुटबॉल खेल चुका हैं। युवाओं को खेल और सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करता था।
कुपवाड़ा में शहीद हुए सैनिक दिनेश गुर्जर का अंतिम संस्कार
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दिनेश के पिता महेंद्र गुर्जर बताते हैं कि बचपन से दिनेश सेना में भर्ती होने की बात किया करता था। बीकॉम करते हुए दिनेश कुमार ने 2013 में सेना ज्वाइन की। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उसकी पहली तैनाती राजस्थान के गंगानगर में हुई थी। दिनेश की 22 अप्रैल 2016 को शादी हुई थी। शादी से मात्र चार दिन पहले गांव में आया। उसकी बारात अम्बाला के गांव टोका में गई। 20 मई को छुट्टी खत्म होने पर दिनेश पहली बार श्रीनगर में ड्यूटी पर चला गया।