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एक साथ जलीं 7 चिताएं, देखिए कैसे रोते-बिलखते रहे मां-बाप?

Fri, 21 Aug 2015 08:13 AM IST
जसवीर सिंह भट्टी,/अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
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गांव में एक साथ 7 चिताएं जलीं। मृतकों के बुजुर्ग मां-बाप रोते-बिलखते रहे। जिसने भी यह दर्दनाक मंजर देख फूट-फूट कर रोया। रिपोर्टर: जसवीर सिंह भट्टी, संगरूर।
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पंजाब के रोगला गांव में जलीं ये 7 चिताएं मणिकर्ण हादसे में मारे गए युवकों की थी। दो दिनों से घर में चूल्हे नहीं जले थे। गांव भर में सन्नाटा पसरा हुआ था। हर आंख में बस आंसू थे, बेबसी और मातम।
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पीड़ित परिवारों के घरों के बाहर खड़े ग्रामीण एक दूसरे के साथ दो दिन पहले मणिकर्ण साहिब में मौत के आगोश में समाए सात नौजवानों के बारे में बातें कर रहे थे। जैसे ही नौजवानों के शव आए तो गांव में पसरा सन्नाटा चीख पुकार में बदल गया। पीड़ित परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लोगों की आंखों से आंसू छलक रहे थे।

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पीड़ित परिवारों की महिलाओं का तो हाल बेहाल था, जिन्हें संभालने के लिए गांव की महिलाएं उन्हें ढांढस बांधने में लगी हुई थीं। वीरवार का दिन इस गांव के लिए ऐसा मनहूस दिन था जब गांव के श्मशानघाट में एक साथ सात चिताएं जलीं। बीते मंगलवार को दोपहर इस गांव के सात नौजवानों यादविंदर सिंह, लाडी, सोनी राम, गुरदीप सिंह, गोपाल, रघुवीर, काका सिंह की मणिकर्ण साहिब के गुरुद्वारे की सराय पर चट्टानों के गिरने से मौत हो गई थी।

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ये नौजवान अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारा की यात्रा करने गए थे और उस दिन से ही पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। दिड़बा के नायब तहसीलदार प्रबोध चंद्र के नेतृत्व में एक टीम कुल्लू शव लाने के लिए गई थी। वह वीरवार सुबह करीब आठ बजे शव लेकर गांव रोगला पहुंची।

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मृतकों नौजवानों की अंतिम यात्रा में गांव के ही नहीं बल्कि आसपास गांवों के लोग भी बड़ी तादाद में पहुंचे हुए थे। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी एवं राजनीतिक नेता भी संस्कार मौके पहुंचे हुए थे। अंतिम यात्रा के बाद श्मशानघाट में शवों को अग्निभेंट की गई। श्मशानघाट में एक साथ सात चिताएं जलती देख गांव की कई महिलाओं ने आपा खो दिया और वे बेहोश हो गईं।

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संस्कार के मौके पर मुख्य संसदीय सचिव बलवीर सिंह घुन्नस, पूर्व मंत्री बलदेव सिंह मान, पूर्व मंत्री गुरचरण सिंह दिड़बा, पूर्व विधायक सुरजीत सिंह धीमान, एसडीएम राजवीर सिंह बराड़, जीए टू डीसी काला राम कांसल, एसजीपीसी सदस्य हरदेव सिंह रोगला, डीएसपी मनजीत सिंह बराड़, हरकेश सिंह सिद्धू, पूर्व डीएसपी रूप सिंह मौड़ सहित अन्य मौजूद थे।

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