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यहां धड़ल्ले से बिक रही बाबा रामदेव की 'मैगी', विवाद बेअसर

Sat, 21 Nov 2015 08:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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बेशक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से अनुमति लिए बिना बाबा रामदेव ने नूडल्स लांच कर दी, लेकिन अभी कोई रोक टोक नहीं है। बेधड़क खाओ, यहां से खरीदिए।
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यहां धड़ल्ले से बिक रही बाबा रामदेव की 'मैगी', विवाद बेअसर

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पतंजलि आटा नूडल्स हर शहर में खास तौर पर पतंजलि के स्टोर पर उपलब्ध है। विशेषज्ञ बताते हैं कि आटा नूडल्स पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती, क्योंकि डिपार्टमेंट की नोटिफिकेशन के मुताबिक फूड बिजनेस ऑपरेटर, फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के लिए फरवरी 2016 तक छूट दी गई है, इसलिए तब तक प्रोडक्ट पर कार्रवाई नहीं हो सकती है।
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दूसरी बात यह है कि इस तरह के प्रोडक्ट पहले से ही बाजार में हैं। इसलिए इसे नए प्रोडक्ट की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इतना जरूर है कि पतंजलि का यह नया प्रोडक्ट है। इसलिए फरवरी 2016 तक इस संबंध में नूडल्स का लाइसेंस लेना पड़ेगा। लोकल अफसरों का कहना है कि अब तक एफएसएसएआई की ओर से इस संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं आई है।

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चंडीगढ़ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि एफएसएसएआई का हेड ऑफिस इस बारे में विचार कर रहा है कि क्या कार्रवाई होनी चाहिए। संभव है कि शुक्रवार को कुछ आदेश आ जाएं। मार्केट और डिस्ट्रीब्यूटर इस पर नजर बनाए हैं। चंडीगढ़ के लगभग सभी पतंजलि स्टोर में आटा नूडल्स उपलब्ध हैं। एक पैकेट की कीमत 15 रुपये है।
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बांबे हाईकोर्ट रद्द कर चुका है प्रोडक्ट अप्रूवल सिस्टम: दरअसल इसी साल एक ड्रग कंपनी ने एफएसएसएआई के प्रोडक्ट अप्रवूल सिस्टम को चुनौती दी थी। बांबे हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद प्रोडक्ट अप्रूवल को रद्द कर दिया था। उसके बाद एफएसएसएआई सुप्रीमकोर्ट गई थी।
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सुप्रीमकोर्ट ने भी बांबे हाईकोर्ट के फैसले को सही माना था। प्रोडक्ट अप्रूवल के तहत जब भी कोई कंपनी नया प्रोडक्ट लांच करती थी तो एफएसएसएआई की एक कमेटी उसकी जांच करती थी।
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याचिका में यही मांग की गई थी कि जब उसी तरह के प्रोडक्ट पहले से बाजार में मौजूद हैं तो उसकी अप्रूवल लेने की क्या जरूरत है, बल्कि उसकी सेफ्टी की जांच करनी चाहिए। ऐसे में जब प्रोडक्ट अप्रूवल सिस्टम नहीं है तो किसी भी फूड ऑपरेट को एफएसएसएआई से स्वीकृति लेने की जरूरत नहीं है।
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