एक इंजीनियर ने देश का पहला वजन उठाकर ले जाना ड्रोन तैयार किया है, जो भारतीय सेना को समर्पित है। इसकी खूबियां जानकर पीएम मोदी भी चौंक जाएंगे।
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देश का पहला वजन उठाकर ले जाने वाला ड्रोन
हरियाणा के फतेहाबाद के ग्रामीण क्षेत्र रतिया के गांव फुलां में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्विनी सिहाग ने अपने पिता जो कि एयर फोर्स के तकनीकि विभाग में कार्यरत हैं, और यू-टयूब की मदद से एक ऐसा ड्रोन बनाया है, जो एक बार 30-40 किलो तक का सामान तक उठाकर लेकर जा सकता है। अश्विनी के दावे के अनुसार ये भारत में अपनी तरह का पहला ड्रोन है जो सामान उठाकर ले जाने की क्षमता रखता है।
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देश का पहला वजन उठाकर ले जाने वाला ड्रोन
इससे पहले अमेरिका और दुबई में ही इस प्रकार के ड्रोन बनाए गए हैं। इस ड्रोन को बनाने वाले अश्विनी सिहाग के पिता भरत सिंह सिहाग एअरफोर्स के तकनीकी विभाग में काम कर चुके हैं तो अश्विनी इस ड्रोन को सेना और खेती को समर्पित करना चाहता है। इस विशेष ड्रोन का इस्तेमाल खेत में स्प्रे करने के काम आ सकता है और यही ड्रोन सेना के लिए दुर्गम ठिकानों पर 35 किलो तक की रसद पहुंचाने के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है। अश्विनी की मानें तो उसने इस ड्रोन का निर्माण ही सेना और खेती के लिए किया है।
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देश का पहला वजन उठाकर ले जाने वाला ड्रोन
30 से 40 किलो वजन उठाकर ले जाने वाले इस ड्रोन की उड़ने की ऊंचाई की क्षमता करीब 2 किलोमीटर की है, जबकि चलने की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा की है जो 30 किलोमीटर का सफर एक बार में तय कर सकता है। अश्वनी बताते हैं कि यह ड्रोन करीब 5 लाख रुपये कीमत में तैयार हुआ है जिसका फ्रेम उन्होंने भारत में ही तैयार किया जबकि बाकी इक्यूपमेंट्स (कलपुर्जे) इंग्लैंड, अमेरिका, चाइना जैसे अन्य कुछ देशों से मंगवाए हैं।
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देश का पहला वजन उठाकर ले जाने वाला ड्रोन
सेना को पहले भी दे चुके हैं कई ड्रोन, वजन उठाने वाला पहला
इससे पहले भी सिक्योरिटी पर्पज से संबंधित कुछ ड्रोन अश्वनी सेना को बनाकर दे चुके हैं, लेकिन दरकार थी एक ऐसे ड्रोन की जो कुछ वजन उठाकर ले जा सके। यू-ट्यूब के जरिए जानकारी हासिल कर आखिरकार अश्वनी सिहाग ने रविवार को वजन उठाने वाला ड्रोन का भी सफल परीक्षण कर लिया। अश्विनी बताते हैं कि यू-टयूब पर भी उसे काफी मशक्कत करनी पड़ी। अब उन्होंने सेना को इसके निर्माण का औपचारिक प्रस्ताव भेजना है। सेना की मंजूरी मिलते ही इस ड्रोन को औपचारिक रूप से सेना को सौंप दिया जाएगा। उनके अनुसार भारत देश में अपनी तरह का ये पहला ड्रोन है।
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देश का पहला वजन उठाकर ले जाने वाला ड्रोन
अमेरिका और दुबई में ही बन सके हैं वजन उठाने वाले ड्रोन
अश्विनी के अनुसार विश्व में अब तक भारत से पहले महज दो देश अमेरिका और दुबई में ही वजन उठाने वाले ड्रोन का निर्माण किया गया है। उनकी वजन उठाने की क्षमता भी अश्विनी के ड्रोन से कहीं अधिक है। अमेरिका में ड्रोन 80 किलो तक का वजन उठा सकता है जबकि दुबई में बनाए गए ड्रोन की वजन उठाने की क्षमता 90 किलो की है।
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अमेरिका और दुबई में ही बन सके हैं वजन उठाने वाले ड्रोन
अश्विनी के अनुसार विश्व में अब तक भारत से पहले महज दो देश अमेरिका और दुबई में ही वजन उठाने वाले ड्रोन का निर्माण किया गया है। उनकी वजन उठाने की क्षमता भी अश्विनी के ड्रोन से कहीं अधिक है। अमेरिका में ड्रोन 80 किलो तक का वजन उठा सकता है जबकि दुबई में बनाए गए ड्रोन की वजन उठाने की क्षमता 90 किलो की है।
सैनिक स्कूल से की है पढ़ाई, पिता एअरफोर्स में तो सेना से शुरु से ही है लगाव
अश्विनी का शुरू से ही सेना से लगाव रहा है। वो खुद भी कुंजपुरा सैनिक स्कूल से पढ़ा है। पिता एयरफोर्स में काम कर चुके हैं तो सेना और सैनिकों के जीवन की बातें बचपन से उनके आसपास रही हैं। अश्विनी के अनुसार घर पर रहते हुए कई बार चर्चा में सुना कि कुछ सैनिक दुर्गम पहाड़ियों में फंस गए हैं और उन तक रसद पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। या खेत में किसान को कड़ी धूप में काम करते हुए सेहत संबंधी परेशानी हो गई या स्प्रे चढ़ने से मौत हो गई। तब से वो इस प्रकार के आविष्कार के बारे में सोचता था जिससे इन दोनों परेशानियों का समाधान हो सके। और आखिरकार इस ड्रोन के साथ उन्होंने समाधान खोज ही लिया।