संत निरंकारी मिशन की छठवीं और दूसरी महिला प्रमुख बनने के बाद माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव ने पहली बार भक्तों को संबोधित किया। जानिए वे क्या बोलीं...
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माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव
माता सविंदर हरदेव जी के आदेश व आशीर्वाद से उनकी पुत्री सुदीक्षा को औपचारिक रूप से संत निरंकारी मिशन का सद्गुरु और आध्यात्मिक प्रमुख बनाया गया है। 17 मार्च 2018 को दिल्ली में हुए समागम में माता सविंदर हरदेव जी ने सुदीक्षा के माथे पर तिलक लगाकर उन्हें आसन पर बैठाया और निरंकारी सद्गुरु की आध्यात्मिक शक्तियों का प्रतीक सफेद दुपट्टा पहनाया।
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माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव
इसके बाद संत निरंकारी मंडल प्रधान गोविंद सिंह, चेयरमैन केन्द्रीय योजना व सलाहकार बोर्ड चेयरमैन खेमराज चड्ढा, मंडल के महासचिव वीडी नागपाल, प्रचार व प्रबंध के साथ जुडे़ अन्य वरिष्ठ संतों और गुरु परिवार के सदस्यों ने समस्त निरंकारी परिवार की ओर से सद्गुरु सुदीक्षा को फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।
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माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव
इस दौरान माता सविंदर हरदेव जी महाराज ने कहा कि ऐसा बहुत कुछ बाकी है, जो बाबा हरदेव जी महाराज करना चाहते थे और नहीं कर पाए। मुझे उनके सपनों को पूरा करने का मौका मिला, लेकिन स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा। अब हमें उम्मीद है कि आप सभी सुदीक्षा के मार्गदर्शन में उन कार्यों को पूरा कर पाएं।
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सुदीक्षा बनीं संत निरंकारी मिशन की प्रमुख
- फोटो : अमर उजाला
निरंकारी सद्गुरु की जिम्मेदारियों को संभालने के बाद माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव जी महाराज ने कहा कि मेरे में कोई ऐसा गुण तो नहीं हैं, लेकिन इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया है, क्योंकि यह सद्गुरु से आशीर्वाद के रूप में आई है। उन्होंने कहा कि हरदेव जी महाराज ने कहा था कि वह साध संगत को अपने सिर का ताज मानते हैं, उसी तरह मैं भी उसका पालन करूंगी।
बता दें कि माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव का जन्म 13 मार्च, 1985 को दिल्ली में हुआ और उन्होंने साइकॉलोजी में ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त की है। दिसंबर 2016 से संत निरंकारी मंडल के विदेश विभाग के इंचार्ज के रूप में 60 से अधिक देशों में मिशन की गतिविधियों का मार्गदर्शन करती आ रही हैं।