महिला दिवस पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक बेहद सराहनीय फैसला सुनाया। सहमति के बाद संबंधों से पैदा हुई बच्ची के खाते में पौने चार लाख रुपये जमा कराने के आदेश दिए गए। इसमें 3 लाख रुपये लीगल एड अथॉरिटी की तरफ से और 75 हजार रुपये आरोपमुक्त हो चुके युवक को जमा कराने होंगे। फैसले में जज आरपी गोयल की अदालत ने साफ किया है कि यह राशि बच्ची के खाते में जमा करवाकर उसकी एफडीआर करवाई जाए, ताकि राशि उसे वयस्क होने पर मिल सके।
दो साल पहले एक युवती ने अर्बन एस्टेट थाने में दी शिकायत में आरोप लगाया था कि छह माह पहले जान से मारने की धमकी देकर एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसकी शहर से बाहर शादी हो गई। अधिवक्ता ने बताया कि जब शादी को 2 से 3 माह हुए तो पता चला कि युवती पांच माह की गर्भवती है। इसके बाद युवती मायके आ गई और अर्बन एस्टेट थाने में आरोपी युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 व 506 के तहत मामला दर्ज कराया।